आज का पंचांग 6 अप्रैल 2026: सोमवार को क्या रहेगा शुभ मुहूर्त, राहुकाल और अन्य महत्वपूर्ण समय
आज सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को वैशाख कृष्ण चतुर्थी है. सूर्योदय के साथ ही पंचमी तिथि का शुभ आरंभ हो जाएगा. आइए एस्ट्रोपत्री श्री आनंद सागर पाठक जी से जानें आज का पूरा पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त.

हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है. इस दिन विधि-विधान से शिवलिंग की पूजा-अर्चना करने वाले भक्तों को भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और उनके जीवन में सुख-समृद्धि आती है. आज 6 अप्रैल 2026 को पंचांग के अनुसार सोमवार के दिन कई शुभ योग बन रहे हैं, जो भक्तों के लिए खास महत्व रखते हैं. आइए विस्तार से जानते हैं आज के पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और अन्य ज्योतिषीय विवरण.
आज का पंचांग
(6 अप्रैल 2026) संवत 2083 चल रहा है. वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि दोपहर 2 बजकर 10 मिनट तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी. सिद्धि दोपहर 3 बजकर 25 मिनट तक रहेगी, फिर साध्य योग प्रारंभ होगा. करण की बात करें तो बालव करण दोपहर 2 बजकर 20 मिनट तक चलेगा, जबकि कौलव करण देर रात 3 बजकर 22 मिनट तक (7 अप्रैल) तक रहेगा.
सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चन्द्रास्त का समय
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सूर्योदय सुबह 7 बजकर 52 मिनट से होगा.
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सूर्यास्त शाम 6 बजकर 42 मिनट पर होगा.
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चंद्रोदय रात 10 बजकर 55 मिनट पर होगा.
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चन्द्रास्त सुबह 8 बजकर 22 मिनट तक रहेगा.
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा.
अमृत काल दोपहर 3 बजकर 22 मिनट से शाम 4 बजकर 9 मिनट तक रहेगा.
आज के अशुभ समय
राहुकाल सुबह 7 बजकर 52 मिनट से सुबह 9 बजकर 15 मिनट तक रहेगा.
गुलिकाल दोपहर 2 बजकर 58 मिनट से दोपहर 3 बजकर 33 मिनट तक रहेगा.
यमगण्ड सुबह 10 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 25 मिनट तक रहेगा.
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव अनुराधा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे.
अनुराधा नक्षत्र रात 2 बजकर 57 बजे तक (7अप्रैल) रहेगा.
नक्षत्र स्वामी शनिदेव हैं.
राशि स्वामी मंगलदेव हैं.
देवता मित्र (तालमेल और मित्रता के देवता) हैं.
प्रतीक कमल का फूल या सजा हुआ द्वार है.
सामान्य विशेषताएं – सुंदर बाल और पलकें, कर्तव्य परायण, ईश्वर में आस्था, साहसी, बुद्धिमान, स्पष्टवादी, मेहनती, समाज में सम्मानित, आकर्षक व्यक्तित्व, थोड़े स्वार्थी, स्वतंत्र विचार और रिश्तों में गंभीर.
Disclaimer: ये धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है, JBT इसकी पुष्टि नहीं करता.


