दिल्ली-एनसीआर में आज रात मौसम का कहर, बारिश और ओलों की चेतावनी

दिल्ली-एनसीआर में आज रात गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश और ओलावृष्टि की 50–70% संभावना है. इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

दिल्ली-एनसीआर में आज शाम बाहर जाने की योजना बना रहे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है. मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार आज रात से दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है. इसकी संभावना करीब 50 से 70 प्रतिशत तक जताई जा रही है. इसलिए लोगों को छाता या रेनकोट साथ रखने की सलाह दी गई है.

पूरे क्षेत्र में एक समान नहीं होगी बारिश 

हालांकि यह बारिश पूरे क्षेत्र में एक समान नहीं होगी. इस तरह के तूफान आमतौर पर बिखरे हुए होते हैं, यानी किसी एक इलाके में तेज बारिश हो सकती है, जबकि पास का दूसरा इलाका पूरी तरह सूखा रह सकता है. फिर भी मौसम में बदलाव की आशंका को देखते हुए सतर्क रहना जरूरी है.

मौसम में इस बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ है. यह एक ऐसा मौसमी तंत्र है जो भूमध्य सागर से नमी लेकर उत्तर भारत तक पहुंचता है और सर्दी व वसंत के दौरान बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का कारण बनता है. हाल ही में 3 और 4 अप्रैल को आए तेज तूफान का असर अभी भी बना हुआ है, जिसके कारण दिल्ली में अप्रैल के महीने में भी ठंडी हवाएं, घने बादल और गरज-चमक देखने को मिल रही है, जो आमतौर पर अगस्त जैसे मौसम का एहसास कराती है.

किन इलाको में ज्यादा बारिश की संभावना? 

आज रात जिन इलाकों में बारिश की संभावना ज्यादा है, उनमें गुरुग्राम, दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और नोएडा शामिल हैं. इससे पहले 4 अप्रैल को गुरुग्राम के आसपास तेज तूफानी बादल बने थे, जिससे कुछ समय के लिए भारी बारिश और ओले गिरे थे. आज भी ऐसे ही हालात बनने की आशंका है, हालांकि पूरे एनसीआर के लगभग आधे हिस्से में बारिश नहीं भी हो सकती है.

आगे आने वाले दिनों में मौसम और ज्यादा बिगड़ सकता है. 7 से 9 अप्रैल के बीच एक और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के कारण देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है. इसका असर राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर भारत तक देखा जा सकता है.

खासकर किसानों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है. जिन इलाकों में गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार है, वहां 6 अप्रैल से पहले फसल काटने की सलाह दी गई है. 3 और 4 अप्रैल को पड़े बड़े आकार के ओलों ने पहले ही कई राज्यों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है. 

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