चीन पर विवादित बयान देने वाले बालेन शाह क्या बनेंगे नेपाल के नए PM? भारत को लेकर क्या है उनका रुख
नेपाल की राजनीति में काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह का नाम तेजी से उभर रहा है. जेन-जी के समर्थन के बीच वे प्रधानमंत्री पद के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं.

नई दिल्ली: नेपाल की राजनीति इन दिनों बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. पिछले साल सितंबर में जेन-जी (Gen-Z) के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद देश में नई सरकार के गठन के लिए मतदान कराया गया है. इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम की हो रही है, वह है काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह. उन्होंने झापा-5 सीट से चुनाव लड़ने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.
35 वर्षीय बालेन शाह अब नेपाल की राजनीति में एक बड़े चेहरे के रूप में उभरकर सामने आए हैं. युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता काफी ज्यादा है और उन्हें नेपाल के अगले प्रधानमंत्री पद के मजबूत दावेदारों में गिना जा रहा है. हालांकि उनका राजनीतिक सफर जितना तेज और प्रभावशाली रहा है, उतना ही विवादों से भी भरा रहा है.
विवादों से घिरा रहा बालेन शाह का राजनीतिक सफर
नवंबर 2025 में बालेन शाह एक फेसबुक पोस्ट को लेकर बड़े विवाद में घिर गए थे. उस पोस्ट में उन्होंने अमेरिका, भारत और चीन के साथ-साथ नेपाल के प्रमुख राजनीतिक दलों यूएमएल, कांग्रेस और माओवादी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था. हालांकि बाद में उन्होंने वह पोस्ट हटा दी थी, लेकिन उसके स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे.
इस घटना के बाद उनकी छवि एक विद्रोही और अराजक नेता के रूप में सामने आई. इससे पहले भी वे नेपाल के सत्ता केंद्र सिंह दरबार को आग लगाने की धमकी देने वाले बयान को लेकर विवादों में रह चुके हैं.
कौन हैं बालेंद्र शाह?
बालेंद्र शाह, जिन्हें आम तौर पर बालेन शाह के नाम से जाना जाता है, एक आयुर्वेदिक डॉक्टर के बेटे हैं. बचपन से ही उनकी रुचि कविता में थी, जो आगे चलकर रैप संगीत में बदल गई. वे अमेरिकी रैपर्स टुपैक शकुर और 50 सेंट से प्रभावित रहे हैं और नेपाल के संगीत जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं.
उन्होंने नेपाल से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में भारत के कर्नाटक स्थित विश्वेश्वरैया तकनीकी विश्वविद्यालय से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की. साल 2019 में उनका गाना ‘बलिदान’ काफी लोकप्रिय हुआ था, जिसमें उन्होंने नेपाल की राजनीतिक व्यवस्था पर तीखा हमला किया था.
निर्दलीय मेयर से राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर
बालेन शाह ने 'परिवर्तन का समय' के नारे के साथ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के मेयर का चुनाव जीता था. हालांकि मेयर रहते हुए उन पर सड़कों को साफ करने के नाम पर रेहड़ी-पटरी वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आरोप भी लगे.
पिछले साल जब तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा, तब बालेन शाह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा था, "प्रिय जेन-जी, तुम्हारे हत्यारे का इस्तीफा आ गया है. अब तुम्हारी पीढ़ी को देश का नेतृत्व करना होगा."
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के साथ नई राजनीतिक शुरुआत
दिसंबर 2025 में बालेन शाह ने रबी लामिछाने के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) का दामन थाम लिया. इसके बाद पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया.
क्या है बालेन और RSP का विजन?
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में आर्थिक सुधारों को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी है. पार्टी ने देश में 12 लाख नई नौकरियां पैदा करने और युवाओं के विदेश पलायन को रोकने का वादा किया है.
इसके अलावा पार्टी का लक्ष्य नेपाल की प्रति व्यक्ति आय को 1,447 डॉलर से बढ़ाकर 3,000 डॉलर तक पहुंचाना और देश की जीडीपी को 100 अरब डॉलर तक ले जाना है.
चुनाव प्रचार के दौरान भी उठे सवाल
चुनाव प्रचार के दौरान बालेन शाह उस समय आलोचनाओं के घेरे में आ गए, जब वे झापा-5 क्षेत्र में लगभग 4 करोड़ नेपाली रुपये की लैंड रोवर डिफेंडर कार में घूमते नजर आए. उनके आलोचकों का कहना है कि वे पारंपरिक राजनेताओं को चुनौती देने का दावा करते हैं, लेकिन उनकी जीवनशैली भी अब उन्हीं की तरह वैभवशाली होती जा रही है.
अब नेपाल चुनाव परिणामों का इंतजार कर रहा है. एक रैपर और सोशल मीडिया स्टार से देश के संभावित शीर्ष नेता बनने तक बालेन शाह का सफर 2026 के चुनावों की सबसे चर्चित कहानी बन चुका है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या नेपाल का युवा वर्ग उन्हें सचमुच सत्ता की कुर्सी तक पहुंचा पाता है.


