भारत ने इंग्लैंड को हराकर कैसे कटाया फाइनल का टिकट? मुकाबले के ये रहे 5 टर्निंग पॉइंट्स
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल खेला गया. यह मुकाबला बेहद ही शानदार रहा. इस मुकाबले में खिलाड़ियों के बीच उतार चढाव देखने को मिली. भारत की जीत के पीछे 5 महत्वपूर्ण कारण रहे.

IND vs ENG: भारतीय क्रिकेट टीम ने एक रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड को 7 रनों से मात देकर टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली. मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में यह मैच किसी फिल्म की तरह चला, जहां आखिरी पल तक दर्शकों की सांसें थमी रही. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट खोकर 253 का विशाल स्कोर बनाया, लेकिन इंग्लैंड ने जोरदार जवाब दिया और मैच को बेहद करीबी बना दिया.
फिर भी, भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रयासों से जीत हासिल हुई और इंग्लैंड का सफर खत्म हो गया. इस मैच में पांच ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ आए, जिन्होंने भारत की जीत तय की. आइए जानते हैं उन बारे में.
1. संजू सैमसन को मिला जीवनदान
मैच की शुरुआत में ओपनर संजू सैमसन ने भारत की मजबूत नींव रखी. उन्होंने 42 गेंदों पर 89 रन ठोके, जिसमें 8 चौके और 7 छक्के शामिल थे. इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने मिड-ऑफ पर उनका आसान कैच छोड़ दिया, जो मेहमान टीम के लिए महंगा साबित हुआ.
इस गलती के बाद सैमसन ने इंग्लिश गेंदबाजों पर जमकर हमला किया और आउट होने तक भारत का स्कोर 230 से ऊपर पहुंचा दिया. यह जीवनदान भारत के बड़े स्कोर की कुंजी बना.
2. अन्य बल्लेबाजों के छोटे लेकिन प्रभावी योगदान
भारतीय टीम ने आक्रामक खेल का रवैया अपनाया, जहां विकेट गिरने पर भी रनों की गति नहीं रुकी. ईशान किशन ने 39, शिवम दुबे ने 43, हार्दिक पांड्या ने 27 और तिलक वर्मा ने 21 रन बनाए. इन छोटी-छोटी पारियों ने टीम को मजबूती दी और कुल स्कोर को इतना ऊंचा पहुंचाने में मदद की. यह रणनीति इंग्लैंड के खिलाफ पूरी तरह कारगर साबित हुई.
3. जसप्रीत बुमराह का शानदार ओवर
जसप्रीत बुमराह ने 18वें ओवर में कमाल की गेंदबाजी की, जो फैंस के दिलों में बस गई. इस हाई-स्कोरिंग मैच में, जहां कुल 500 के करीब रन बने, बुमराह ने दबाव में शानदार यॉर्कर फेंके. इंग्लैंड को आखिरी तीन ओवरों में 45 रनों की जरूरत थी, लेकिन बुमराह ने सिर्फ 6 रन दिए. इससे बल्लेबाज घबरा गए और भारत की जीत की राह आसान हो गई.
4. अक्षर पटेल की जादुई फील्डिंग
अक्षर पटेल ने फील्डिंग से मैच का रुख पलटा. 14वें ओवर में विल जैक्स और जैकब बेथेल की 77 रनों की साझेदारी भारत को मुश्किल में डाल रही थी. बुमराह की गेंद पर जैक्स ने ऊंचा शॉट खेला, तो अक्षर ने एक्स्ट्रा कवर की ओर दौड़कर एक अविश्वसनीय कैच लपका. इस कैच ने पार्टनरशिप तोड़ी और भारत को मैच में वापसी का मौका दिया.
5. कप्तान सूर्या का जोखिम भरा फैसला सफल
आखिरी दो ओवरों में इंग्लैंड को 39 रनों की जरूरत थी. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने हार्दिक पांड्या को गेंद सौंपी, जिन्होंने सिर्फ 9 रन दिए. फिर अंतिम ओवर में शिवम दुबे को आजमाया गया.
दुबे के ओवर में हार्दिक ने बेथेल को रन-आउट किया. जोफ्रा आर्चर ने तीन छक्के लगाए, लेकिन इंग्लैंड 7 रन से हार गया. सूर्या का यह दांव कामयाब रहा और भारत फाइनल में न्यूजीलैंड से भिड़ने को तैयार हो गया.


