ईरान-अमेरिका तनाव: 'नो पीस टॉक्स' से बढ़ी टकराव की आशंका
ईरान ने अमेरिका के साथ शांति वार्ता से साफ इनकार कर दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है. इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने हालात संभालने के लिए युद्धविराम बढ़ा दिया है, लेकिन गतिरोध अब भी बना हुआ है.
नई दिल्ली: अप्रैल 2026 में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. ईरान ने ‘नो पीस टॉक्स’ का ऐलान करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिकी दबाव या नौसैनिक नाकाबंदी के बीच किसी भी बातचीत में शामिल नहीं होगा. तेहरान का कहना है कि वार्ता तभी संभव है जब अमेरिका पहले अपनी नाकाबंदी हटाए. इस फैसले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव बढ़ गया है, जिसके चलते उन्होंने पाकिस्तान की मध्यस्थता पर ईरान के साथ सीजफायर को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया. हालांकि, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी और नाकाबंदी जारी है, जिसे ईरान ‘युद्ध का कृत्य’ मान रहा है. हालात और गंभीर तब हो गए जब अमेरिकी सेना ने एक ईरानी जहाज को निशाना बनाया. इस बीच, पाकिस्तान बातचीत बहाल कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.


