Middle East Relations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को फिलिस्तीनी संगठन हमास को कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि गाजा में बंधकों की रिहाई पर सहमति बनाना ही एकमात्र विकल्प है. अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने लिखा, “इजरायल पहले ही मेरी शर्तें मान चुका है, अब समय आ गया है कि हमास भी इन्हें स्वीकार करे. अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. यह मेरी अंतिम चेतावनी है.”
बाद में मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने उम्मीद जताई कि गाजा संकट का समाधान जल्द निकल सकता है. उन्होंने कहा कि समझौते की दिशा में प्रगति हो रही है और बंधकों को छुड़ाने के प्रयास तेज हैं. ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि बहुत जल्द गाजा को लेकर एक समझौता होने वाला है. यह समस्या सिर्फ इजरायल या फिलिस्तीन की नहीं बल्कि पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता से जुड़ी है.
गाजा युद्ध अब अपने 23वें महीने में है और इस दौरान बंधकों की स्थिति अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई है. ट्रंप ने कहा कि अब शेष बंधकों की संख्या 20 से भी कम हो सकती है. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बंधकों में से कई की मौत हो चुकी है. “हमारे पास जानकारी है कि लगभग 20 लोग जीवित हैं और करीब 38 शव अब भी मौजूद हैं,” ट्रंप ने कहा.
रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने हमास के सामने एक नया युद्धविराम प्रस्ताव रखा है. इसके तहत, युद्धविराम की शुरुआत में हमास को सभी शेष 48 बंधकों को रिहा करना होगा. बदले में इजरायल हजारों फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा. इसके साथ ही, युद्धविराम के दौरान दोनों पक्ष स्थायी समाधान और युद्ध समाप्ति पर वार्ता करेंगे.
इजरायल सरकार ने ट्रंप के प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही है. हालांकि, उसने अभी तक विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हम इस पर गंभीरता से सोच रहे हैं, लेकिन अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है. इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी संकेत दिया कि अगर हमास बंधकों को रिहा कर दे और हथियार डाल दे, तो गाजा में युद्ध समाप्त हो सकता है.
इजरायल की ओर से आई प्रतिक्रिया के कुछ ही समय बाद हमास ने फिर से अपना पुराना रुख दोहराया. संगठन ने कहा कि वह तभी बंधकों की रिहाई करेगा जब इजरायल युद्ध खत्म करने और गाजा शहर से अपनी सेना हटाने पर सहमत होगा. यरूशलम में डेनमार्क के विदेश मंत्री के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिदोन सार ने कहा कि अगर हमास अपने शर्तों पर अड़ा रहा तो शांति स्थापित करना मुश्किल होगा.
First Updated : Monday, 08 September 2025