नई दिल्ली: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 जुलाई से शुरू होकर छह दिन चलेगा। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या उनके बेटे और मौजूदा सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई दफन के वक्त मौजूद रहेंगे।
56 साल के मोजतबा 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से सामने नहीं आए हैं। उसी हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे जिसमें उनके पिता मारे गए थे। तब से उन्होंने अपने समर्थकों के सामने कोई उपस्थिति नहीं दी।
हालांकि उनके लिखित बयान और ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी होती रही हैं। कुछ अपुष्ट खबरों में दावा है कि उस हमले में मोजतबा बुरी तरह जख्मी हुए थे और उनकी पत्नी व मां की भी मौत हो गई थी। लेकिन ईरानी अधिकारी उनकी चोटों पर चुप हैं।
अगर मोजतबा पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होते हैं तो इसे इस्लामिक गणराज्य में उनके अधिकार को और मजबूत करने वाला कदम माना जाएगा। वहीं अगर वे नहीं आते तो अटकलें तेज हो जाएंगी कि सर्वोच्च नेता अभी तक अपनी चोटों से उबरे नहीं हैं।
ईरानी अधिकारी भी इस पर कुछ साफ नहीं कह रहे। उनके कार्यालय से कोई बयान नहीं आया है। अंतिम संस्कार के आयोजक अली अकबर पोरजामशिडिया ने CNN से कहा, "यह फैसला हमारे अधिकार में नहीं है। यह पूरी तरह सर्वोच्च नेता के कार्यालय का मामला है।"
ईरान ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी दी है कि खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान देश पर हमला न करें। जुलूस शनिवार को तेहरान से शुरू होगा और 9 जुलाई को मशहद में खत्म होगा। छह दिन के कार्यक्रम में कोम में भी समारोह होंगे।
खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के कमांडर अली अब्दोल्लाही ने कहा, "हम अमेरिका और जायोनी शासन को चेतावनी देते हैं कि कोई गलत कदम न उठाएं। किसी भी खतरे या हमले का हमारी सशस्त्र सेनाएं कड़ा जवाब देंगी।"
ईरानी अधिकारियों ने लोगों से अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। तेहरान में अली खामेनेई की अंतिम यात्रा में लाखों लोगों के जुटने की उम्मीद है।
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेरी घालीबाफ ने कहा, "मैं सभी ईरानियों को आमंत्रित करता हूं कि अपनी उपस्थिति से इस्लामी ईरान के इतिहास में एक शानदार अध्याय लिखें। बदला लेने की देश की पुकार पूरी दुनिया सुने।" First Updated : Thursday, 02 July 2026