पैंट की जिप खोलकर ट्रंप ने...महिला ने FBI को बताया अमेरिकी राष्ट्रपति का घिनौना सच! एपस्टीन फाइल में हुआ एक और खुलासा
एपस्टीन फाइल में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को लेकर एक और खुलासा सामने आया है. एक महिला ने आरोप लगाते हुए बताया कि ट्रंप ने उसे यौन कृत्य के लिए मजबूर करने की कोशिश की.

नई दिल्ली: अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने हाल ही में जेफरी एपस्टीन से जुड़े कुछ अतिरिक्त दस्तावेज जारी किए हैं. इनमें एक महिला के 2019 में FBI को दिए बयानों के नोट्स शामिल हैं, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पुराने यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं. ये आरोप 1980 के दशक के बताए गए हैं, जब महिला कथित रूप से 13-15 साल की थी.
महिला का ट्रंप पर बड़ा आरोप
महिला ने FBI को बताया कि एपस्टीन ने उसे ट्रंप से मिलवाया था. उसने दावा किया कि ट्रंप ने उसे यौन कृत्य के लिए मजबूर करने की कोशिश की. महिला ने विरोध में ट्रंप के प्राइवेट पार्ट पर काट लिया, जिसके बाद ट्रंप ने कथित तौर पर उसे मारा और कमरे से बाहर निकाल दिया.
ये घटना न्यूयॉर्क या न्यू जर्सी में हुई बताई गई है. महिला ने एपस्टीन द्वारा भी अपने साथ दुर्व्यवहार का जिक्र किया. ये दस्तावेज पहले जारी नहीं किए गए थे. विभाग ने कहा कि इन्हें गलती से डुप्लिकेट माना गया था. अब इन्हें सार्वजनिक किया गया है.
ट्रंप और व्हाइट हाउस का जवाब
ट्रंप ने हमेशा ऐसे सभी आरोपों से इनकार किया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी ने इन दावों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि इनके पीछे कोई विश्वसनीय सबूत नहीं हैं और आरोप एक महिला ने लगाए हैं, जिसकी आपराधिक पृष्ठभूमि लंबी है.
जस्टिस डिपार्टमेंट का स्पष्टीकरण
जस्टिस डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया कि ये आरोप असत्यापित (uncorroborated) हैं. ट्रंप पर कोई क्रिमिनल चार्ज नहीं लगा है. एपस्टीन फाइलों में लाखों पेज हैं, जिनमें कई असत्यापित दावे शामिल हैं. ट्रंप पर एपस्टीन के सेक्स ट्रैफिकिंग में शामिल होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है.
ये फाइलें एपस्टीन जांच के दौरान 2019 में आई थी. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि पहले कुछ पेज गलती से छिपाए गए थे, जिस पर राजनीतिक बहस हुई. विभाग ने अब इन्हें उपलब्ध कराया है, यह मामला पुराना है और कोई नई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है. एपस्टीन फाइलों की रिलीज जारी है, लेकिन ज्यादातर आरोप बिना प्रमाण के है.


