दुबई में मिसाइल अटैक का अलर्ट, लोगों से घरों में रहने की अपील, मोबाइल पर भेजी गई चेतावनी
मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दुबई में रहने वाले लोगों के मोबाइल फोन पर मिसाइल हमले से जुड़ा आपातकालीन अलर्ट भेजा गया है. इस चेतावनी के बाद शहर में रहने वाले कई लोग सतर्क हो गए.

मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दुबई में रहने वाले लोगों के मोबाइल फोन पर मिसाइल हमले से जुड़ा आपातकालीन अलर्ट भेजा गया है. इस चेतावनी के बाद शहर में रहने वाले कई लोग चिंतित और सतर्क हो गए हैं. प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें. साथ ही किसी भी संभावित आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की सलाह भी दी गई है.
चार बार इमरजेंसी अलर्ट
सूचना में बताया गया कि मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए एहतियाती कदम के तौर पर यह अलर्ट जारी किया गया है. पिछले कुछ दिनों से मिडिल ईस्ट क्षेत्र में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं. बताया जा रहा है कि ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई हमले किए हैं. इन हमलों को अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए सैन्य अभियान के जवाब के रूप में देखा जा रहा है. शुक्रवार को दुबई में कई लोगों के मोबाइल फोन पर लगातार चार बार इमरजेंसी अलर्ट प्राप्त हुए, जिससे लोगों के बीच चिंता और बढ़ गई.
दुबई में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि स्थिति को देखते हुए उन्होंने पहले से ही कुछ जरूरी तैयारी कर ली है. उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर घर में आवश्यक सामान जमा कर लिया गया है और पासपोर्ट तथा अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ एक बैग भी तैयार रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाया जा सके.
हवाई सेवाओं पर तनाव का असर
मौजूदा तनाव का असर हवाई सेवाओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है. मिडिल ईस्ट के कई हिस्सों में एयरस्पेस बंद किए जाने के कारण उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ है. इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा में अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई है. दुबई दुनिया के सबसे व्यस्त ट्रांजिट हब में से एक माना जाता है. इसलिए क्षेत्रीय तनाव का सीधा असर यहां के ट्रैवल नेटवर्क पर पड़ रहा है. उड़ानों में व्यवधान के कारण बड़ी संख्या में भारतीय यात्री खाड़ी देशों में फंस गए थे. हालांकि हाल के दिनों में कुछ लोग भारत लौटने में सफल रहे हैं और बाकी यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने की कोशिशें जारी हैं.
इस बीच संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें कहा जा रहा था कि वह ईरान के खिलाफ किसी सैन्य कार्रवाई में अमेरिका और इजरायल का साथ देने पर विचार कर रहा है. सरकारी समाचार एजेंसी के माध्यम से जारी बयान में स्पष्ट किया गया कि ऐसी किसी नीति परिवर्तन का कोई फैसला नहीं लिया गया है.
गौरतलब है कि ईरान ने यूएई में कुछ अहम स्थानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमलों की कोशिश की है, जिनमें दुबई स्थित अमेरिकी कॉन्सुलेट और अबू धाबी का अल धाफरा एयर बेस भी शामिल बताया जा रहा है. ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव ने पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. इसके चलते हवाई यात्रा, व्यापार और परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है और फिलहाल हालात सामान्य होते नजर नहीं आ रहे.


