भ्रष्टाचार पर वार या बगावत का डर शी जिनपिंग ने चीन की संसद से 6 बड़े सैन्य नेताओं को बाहर का दिखाया रास्ता

चीन की नेशनल पीपल्स कांग्रेस ने छह सैन्य कमांडरों समेत कई वरिष्ठ नेताओं को उनके पदों से हटा दिया है, हालांकि सरकार ने इसके पीछे की वजह का खुलासा नहीं किया है.

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नई दिल्ली: चीन में एक बार फिर बड़े स्तर पर सैन्य और राजनीतिक अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है. राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में देश की शीर्ष विधायी संस्था नेशनल पीपल्स कांग्रेस (NPC) ने एक साथ छह सैन्य सांसदों और दो वरिष्ठ नेताओं को उनके पदों से हटा दिया है. हालांकि, इस फैसले के पीछे की आधिकारिक वजह अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है. ऐसे में इस कार्रवाई को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं कि यह भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा है या फिर सेना के भीतर बढ़ती असंतुष्टि पर नियंत्रण की कोशिश.

नेशनल पीपल्स कांग्रेस ने लिया बड़ा फैसला

चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, नेशनल पीपल्स कांग्रेस की स्टैंडिंग कमेटी ने छह सैन्य प्रतिनिधियों की सदस्यता समाप्त कर दी. इसके अलावा पूर्व वित्तीय नियामक प्रमुख ली युंझे और पोलित ब्यूरो के सदस्य मा शिंगरुई को भी उनके पदों से हटा दिया गया. हाल के दिनों में मा शिंगरुई जांच के दायरे में आए थे, लेकिन किसी भी अधिकारी को हटाने का आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है.

सेना के बड़े अधिकारियों पर गिरी गाज

हटाए गए अधिकारियों में जनरल शू श्युछियांग का नाम सबसे प्रमुख है. वह सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के इक्विपमेंट डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के प्रमुख थे और चीन के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के कमांडर-इन-चीफ की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे.

इसके अलावा वेस्टर्न थिएटर कमांड के पॉलिटिकल कमिश्नर जनरल ली फेंगबियाओ, एयरफोर्स के पॉलिटिकल कमिश्नर जनरल गुओ पुक्षियाओ, ईस्टर्न थिएटर कमांड के वांग कांगपिंग, साइबरस्पेस फोर्स के झांग मिंगहुआ और सेना के अधिकारी यिन होंगशिंग को भी उनके पदों से हटा दिया गया.

भ्रष्टाचार विरोधी अभियान पर फिर जोर

दरअसल यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लंबे समय से चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा हो सकती है. पिछले कुछ वर्षों में इस अभियान के तहत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और शीर्ष नेताओं के खिलाफ जांच हुई है और कई को पद से हटाया जा चुका है.

सस्पेंस बरकरार

चीन के रक्षा मंत्रालय ने इस पूरे मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. वहीं, जिन अधिकारियों को हटाया गया है, उनसे भी संपर्क नहीं हो सका है. ऐसे में कार्रवाई की असली वजह अभी भी रहस्य बनी हुई है. आने वाले दिनों में यदि सरकार इस फैसले पर कोई आधिकारिक जानकारी देती है, तभी तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी. First Updated : Monday, 29 June 2026