मोटापा हो या दुबलापन, अब आयुर्वेद से मिलेगा स्थायी इलाज, बाबा रामदेव ने बताया राज

बाबा रामदेव एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार उन्होंने मोटापा और दुबलेपन जैसी दो सबसे आम शारीरिक समस्याओं का आयुर्वेदिक समाधान दुनिया के सामने पेश किया है. पतंजलि आयुर्वेद की रिसर्च टीम के सहयोग से बाबा रामदेव ने दावा किया है कि अब बिना किसी साइड इफेक्ट के वजन को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित किया जा सकता है. जहां एक तरफ मोटापा आज की तेज़ ज़िंदगी में एक गंभीर चिंता का विषय बन चुका है, वहीं दूसरी ओर दुबलापन भी आत्मविश्वास को कमजोर करने वाला मुद्दा है.

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भारत में आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का इतिहास वैदिक काल से जुड़ा हुआ है, जहां लोग जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक उपचारों से स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान करते थे. आज के समय में जहां लोग अंग्रेजी दवाओं पर निर्भर हो गए हैं, वहीं पतंजलि ने आयुर्वेद को फिर से मुख्यधारा में लाकर एक नई चेतना पैदा की है. पतंजलि के संस्थापक योगगुरु बाबा रामदेव न सिर्फ योग को लोकप्रिय बना रहे हैं, बल्कि आयुर्वेदिक उपचारों के माध्यम से मोटापा और दुबलेपन जैसी समस्याओं से निपटने के कारगर उपाय भी साझा कर रहे हैं.

हाल ही में बाबा रामदेव ने सोशल मीडिया और यूट्यूब के माध्यम से एक ऐसी महिला का उदाहरण दिया, जो मात्र 28 किलो वजन के कारण दैनिक कार्यों में भी असमर्थ थीं. उनकी स्थिति अब बेहतर हो चुकी है और उन्होंने 10 किलो तक वजन बढ़ाया है, वो भी बिना दवाओं के. रामदेव ने इसका श्रेय पूरी तरह आयुर्वेद और नियमित योग अभ्यास को दिया.

वजन कम है? तो आजमाएं बाबा रामदेव का यह नुस्खा

बाबा रामदेव के अनुसार, यदि आप बहुत दुबले हैं और बिना किसी कारण के वजन घटता जा रहा है, तो अंग्रेजी दवाओं की बजाय प्राकृतिक उपाय अपनाएं. उन्होंने बताया कि वजन बढ़ाने के लिए अश्वगंधा, शतावरी, केला, आम, खजूर, और दूध का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए. ये सभी आयुर्वेदिक औषधीय तत्व शरीर को मज़बूती देने के साथ-साथ वज़न भी संतुलित करते हैं. साथ ही बाबा रामदेव ने सुझाव दिया कि इन उपायों के साथ नियमित योग भी जरूरी है.

मोटापा कम करना है तो करें ये योगासन

मोटापा आज के समय की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है. इसके लिए बाबा रामदेव ने कई असरदार योगासन बताए हैं जिन्हें आप अपने डेली रूटीन में शामिल कर सकते हैं:

मंडूकासन: वज्रासन में बैठकर पेट पर हाथ रखकर आगे की ओर झुकें.

वक्रासन: यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और चर्बी घटाता है.

पवनमुक्तासन: पेट की चर्बी कम करने और पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए उपयोगी.

उत्तानपादासन, सर्वांगासन, हलासन, चक्कीचलनासन, अर्धनवासन और शलभासन जैसे योग भी वजन कम करने में मददगार हैं.
इन सभी आसनों से न सिर्फ बैली फैट कम होता है, बल्कि डायबिटीज जैसी बीमारियों से भी राहत मिलती है.

मोटापे से जुड़ी गंभीर बीमारियां

बाबा रामदेव का मानना है कि बढ़ता वजन डायबिटीज, हाई बीपी, थायरॉइड और हार्ट प्रॉब्लम जैसी बीमारियों को न्यौता देता है. इसलिए वजन को नियंत्रित रखना अत्यंत आवश्यक है. यदि वजन लगातार बढ़ रहा है तो सबसे पहले अपनी जीवनशैली में बदलाव करें. संतुलित आहार, नियमित योग और शारीरिक सक्रियता ज़रूरी है. अगर फिर भी वज़न नहीं घट रहा है, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए. First Updated : Saturday, 19 July 2025