Cancer in India: कैंसर एक ऐसी खतरनाक बीमारी है, जो न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में बढ़ती जा रही है. हर साल लाखों लोग इसकी चपेट में आकर अपनी जान गंवा रहे हैं. भारत में भी कैंसर के मामलों में इजाफा हुआ है, और खासकर महिलाओं के बीच दो प्रकार के कैंसर तेजी से फैल रहे हैं. यह आंकड़े चिंता का विषय बने हुए हैं, जो भविष्य में और भी गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं.
भारत में कैंसर के मामले 2019 में लगभग 12 लाख तक पहुंचे, जिसमें 9.3 लाख मौतें भी हुईं. यह आंकड़ा एशिया में दूसरे स्थान पर है. अब तक का सर्वेक्षण यह दर्शाता है कि यह बीमारी युवाओं और महिलाओं के बीच अधिक फैल रही है, और इसका असर खासकर ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के मामलों में देखा जा रहा है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि देश में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के मामलों में भारी वृद्धि हो रही है. उन्होंने बताया कि इन दोनों प्रकार के कैंसर के कारण महिलाओं में मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इन आंकड़ों को नेशनल नॉन कम्यूनिकेबल डिजीज (NCD) पोर्टल के माध्यम से पेश किया गया है.
नड्डा के मुताबिक, अब तक 14 करोड़ से अधिक महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर की जांच की जा चुकी है, जिसमें से 57,184 महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर पाया गया है. इनमें से 50,612 महिलाओं का इलाज चल रहा है. वहीं, सर्वाइकल कैंसर की जांच 9 करोड़ से ज्यादा महिलाओं पर की गई, और 96,747 महिलाओं में इस कैंसर का पता चला, जिनमें से 86,196 महिलाओं का इलाज किया जा रहा है.
2018 में केंद्र सरकार ने एनपी-एनसीडी योजना के तहत राष्ट्रीय एनसीडी पोर्टल की शुरुआत की थी, ताकि नॉन कम्यूनिकेबल डिजीज (NCD) की जांच और प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सके. यह पोर्टल कैंसर जैसे गंभीर रोगों की निगरानी और इलाज के लिए एक अहम कदम साबित हो रहा है.
इस बढ़ते खतरे को देखते हुए यह जरूरी है कि महिलाएं समय-समय पर जांच कराती रहें और अपनी सेहत का ख्याल रखें. जागरूकता और सही इलाज की मदद से कैंसर को समय रहते पकड़ा जा सकता है, जिससे मृत्यु दर में कमी आ सकती है. First Updated : Sunday, 09 February 2025