Cough with Blood Symptoms: एक पल की खांसी, और अचानक मुंह से खून का आना, इससे हर कोई डर जाता है. और झट से ऐसा होते ही मन में सबसे पहला ख्याल आता है, 'कहीं ये फेफड़ों का कैंसर तो नहीं?' डर, घबराहट और चिंता के बीच लोग अक्सर बिना जांच के खुद ही से इलाज करने लगते हैं. लेकिन खांसी में खून आना यानी हेमोप्टाइसिस का भी कई बार संकेत होता है? डॉक्टर बताते हैं खांसी के साथ खून आना निश्चित ही चिंताजनक है, पर हर बार इसका मतलब कैंसर नहीं होता. इसके पीछे कई और कारण हो सकते हैं, जो सांस संबंधी बीमारियों, संक्रमण या रक्त वाहिकाओं की दिक्कत से जुड़े हो सकते हैं.
क्या होता है हेमोप्टाइसिस?
हेमोप्टाइसिस एक ऐसी इलाज स्थिति है जिसमें खांसी के वक्त खून या खून मिला बलगम निकलता है. इस खून का रंग हल्के गुलाबी से लेकर गहरे लाल तक हो सकता है और इसकी मात्रा मामूली से बहुत अधिक तक हो सकती है.
क्या हेमोप्टाइसिस का मतलब कैंसर है?
डॉक्टर कहते हैं, 'हर मरीज में खांसी के साथ खून आना कैंसर की ओर इशारा नहीं करता. इसके पीछे कई अन्य संभावित कारण हो सकते हैं.' इसलिए हर मामले को लेकर डरने के बजाय जांच कराना जरूरी होता है.
हेमोप्टाइसिस के आम कारण
1. टीबी- भारत में हेमोप्टाइसिस के सबसे प्रमुख कारणों में से एक है तपेदिक. फेफड़ों में सक्रिय टीबी होने पर खून आ सकता है.
2. ब्रोंकाइटिस- फेफड़ों की वायुमार्गों की लंबे समय तक चलने वाली सूजन खांसी के साथ खून लाने का एक सामान्य कारण है.
3. निमोनिया- फेफड़ों में बैक्टीरियल संक्रमण के कारण बलगम में खून आ सकता है.
4. ब्रोंकैक्टेसिस- यह एक पुरानी फेफड़ों की बीमारी है जिसमें एयरवेज फैल जाते हैं और उनमें संक्रमण या खून आने की आशंका बढ़ जाती है.
5. फेफड़ों में चोट या रक्त वाहिकाओं का फटना- सीने पर चोट या किसी आंतरिक ब्लीडिंग के कारण भी खांसी के साथ खून आ सकता है.
6. फंगल संक्रमण और हृदय संबंधी रोग- कुछ फंगल इंफेक्शन या दिल की बीमारियां भी हेमोप्टाइसिस का कारण बन सकती हैं.
जब खून की मात्रा बहुत अधिक हो
खांसी के हर दौरे में खून आता हो
अचानक वजन घटने लगे
सांस लेने में परेशानी हो
लंबे समय तक बुखार बना रहे
इन लक्षणों की मौजूदगी में हेमोप्टाइसिस एक गंभीर संकेत हो सकता है, इसलिए एसे कंडीशन में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए है.
First Updated : Tuesday, 15 July 2025