गार्डनिंग टिप्स: हर कोई चाहता है कि उसका बगीचा हमेशा हरा-भरा और खिलता हुआ नजर आए, लेकिन कई बार सही देखभाल के बावजूद पौधे मुरझाने लगते हैं. फूल छोटे रह जाते हैं या पत्तियां पीली होकर झुकने लगती हैं, जिससे बागवानी का उत्साह कम हो जाता है.
ऐसी ही समस्याओं का समाधान गार्डनिंग एक्सपर्ट ने एक बेहद आसान और किफायती उपाय के रूप में बताया है—एप्सम सॉल्ट. यह खास नमक पौधों की सेहत सुधारने में काफी असरदार माना जाता है और सही तरीके से इस्तेमाल करने पर बगीचे की सूरत बदल सकता है.
एप्सम सॉल्ट दरअसल मैग्नीशियम सल्फेट होता है, जो पौधों के लिए जरूरी दो अहम तत्व -मैग्नीशियम और सल्फर प्रदान करता है.
मैग्नीशियम क्लोरोफिल के निर्माण में मदद करता है, जिससे पत्तियां हरी रहती हैं और पौधे सूर्य की रोशनी से भोजन बना पाते हैं. वहीं सल्फर पौधों को जरूरी पोषक तत्व बनाने और बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है.
एप्सम सॉल्ट का उपयोग पौधों की पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता को बढ़ाता है. कई बार मिट्टी में खाद मौजूद होने के बावजूद पौधे उसे सही तरीके से ग्रहण नहीं कर पाते, ऐसे में यह नमक जड़ों को मजबूत कर उन्हें पोषण लेने में मदद करता है.
इसके इस्तेमाल से पत्तियां चमकदार होती हैं और फूलों का रंग गहरा और आकर्षक बनता है.
जब पौधे रिपॉटिंग के बाद तनाव में आ जाते हैं या उनकी पत्तियां पीली होकर मुड़ने लगती हैं, तब एप्सम सॉल्ट का स्प्रे काफी कारगर साबित होता है.
यह पौधों की कोशिकाओं को फिर से सक्रिय करता है, जिससे उनका विकास दोबारा शुरू होता है और नई शाखाएं निकलने लगती हैं.
एप्सम सॉल्ट को दो तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है.
ध्यान रखें कि इसे सूखी मिट्टी में न डालें, पानी देना जरूरी है.
एप्सम सॉल्ट का इस्तेमाल महीने में एक बार करना सबसे बेहतर माना जाता है. खासकर तब जब नया पौधा लगाया गया हो या पौधे में कलियां आ रही हों.
टमाटर, मिर्च और गुलाब जैसे पौधों में फल आने से पहले इसका उपयोग पैदावार बढ़ाने में मदद करता है. गर्मियों में तेज धूप से झुलसे पौधों को भी इससे राहत मिलती है.
यह नमक अधिकतर फूलों और सब्जियों के लिए सुरक्षित है, लेकिन गुलाब, टमाटर, मिर्च और नींबू के पौधों में इसका असर सबसे ज्यादा देखा जाता है.
इनडोर पौधों जैसे मनी प्लांट और पीस लिली में भी इसका इस्तेमाल पत्तियों को घना और हरा बनाता है. हालांकि, सक्यूलेंट्स और कैक्टस में इसका उपयोग बहुत कम करना चाहिए.
डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे इंस्टाग्राम वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं. एनबीटी इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है First Updated : Wednesday, 01 April 2026