Dominating partner: रिश्ते में प्यार और सम्मान दोनों जरूरी होते हैं, लेकिन कई बार एक पार्टनर जरूरत से ज्यादा हावी होने लगता है. ऐसे में रिश्ते में असमानता आ जाती है, जिससे तनाव और परेशानियां बढ़ सकती हैं. अगर आपको लगता है कि आपका साथी बहुत ज्यादा नियंत्रित करने की कोशिश करता है, तो यह डोमिनेंट बिहेवियर हो सकता है.
डोमिनेंट पार्टनर की पहचान करना जरूरी है ताकि रिश्ते में संतुलन बना रहे और दोनों पक्षों को समान अधिकार मिलें. यहां कुछ आदतें दी गई हैं, जो यह संकेत देती हैं कि आपका पार्टनर डोमिनेंट नेचर का हो सकता है.
अगर आपका पार्टनर हर छोटे-बड़े फैसले खुद ही लेता है और आपकी राय को नजरअंदाज करता है, तो यह डॉमिनेटिंग नेचर का संकेत हो सकता है. स्वस्थ रिश्ते में दोनों की राय मायने रखती है.
क्या आपका साथी हमेशा अपनी पसंद को प्राथमिकता देता है और आपकी पसंद को महत्व नहीं देता? यह डोमिनेंस की निशानी हो सकती है, क्योंकि एक हेल्दी रिलेशनशिप में दोनों की इच्छाओं का सम्मान किया जाना चाहिए.
अगर आपका पार्टनर आपके पहनावे, दोस्तों या दिनचर्या को लेकर जरूरत से ज्यादा कंट्रोल करने की कोशिश करता है, तो यह संकेत हो सकता है कि वह आपको दबाने की कोशिश कर रहा है. प्यार में भरोसा होना चाहिए, न कि जबरदस्ती का नियंत्रण.
अगर आपका साथी हर बहस में अपनी ही बात को सही साबित करने की कोशिश करता है और आपकी भावनाओं की कद्र नहीं करता, तो यह रिश्ते के लिए सही संकेत नहीं है. सम्मानजनक रिश्ता दोनों के विचारों को अहमियत देता है.
अगर हर बहस या झगड़े में वह आपको ही गलत ठहराता है, भले ही गलती उसकी हो, तो यह एक डोमिनेंट पार्टनर का क्लियर साइन है. यह इमोशनल मैनिपुलेशन का भी हिस्सा हो सकता है, जिससे आपको आत्मग्लानि महसूस होती है.
क्या आपका पार्टनर बिना आपकी मर्जी के आपके फोन, मैसेज या सोशल मीडिया अकाउंट्स चेक करता है? अगर हां, तो यह दर्शाता है कि वह आपकी निजता का सम्मान नहीं करता और जरूरत से ज्यादा नियंत्रित करने की कोशिश करता है.
अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करें और अपने अधिकारों के बारे में बात करें.
रिश्ते में सीमाएं तय करें और अपने आत्मसम्मान को बनाए रखें.
जरूरत पड़ने पर किसी काउंसलर या विशेषज्ञ की मदद लें.
अगर रिश्ता बहुत ज्यादा टॉक्सिक हो गया है, तो खुद की भलाई के लिए उससे बाहर निकलने का फैसला करें.