नई दिल्ली: अगर आप अक्सर बिना वजह थकान, चक्कर आना, साँस फूलना या बालों का झड़ना महसूस करते हैं, तो यह आपके शरीर में आयरन (लोहा) की कमी का संकेत हो सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक भारत में आयरन की कमी सबसे आम पोषक तत्वों की कमी में से एक है, खासकर महिलाओं और बच्चों में यह समस्या और भी गंभीर रूप से पाई जाती है. शरीर में आयरन की कमी का असर धीरे-धीरे दिखाई देता है, लेकिन सही डाइट और पोषण से इसे रोका या सुधारा जा सकता है.
आयरन की कमी के कुछ सामान्य संकेतों में लगातार थकान, सिरदर्द, चक्कर आना, सांस लेने में कठिनाई, पीली त्वचा, कमजोर नाखून और बालों का झड़ना शामिल हैं. जब शरीर में पर्याप्त आयरन नहीं होता, तो हीमोग्लोबिन (जो खून में ऑक्सीजन ले जाता है) का स्तर घट जाता है, जिससे ऊर्जा का स्तर गिरता है और रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है.
आयरन की कमी को नियंत्रित करने में डाइट बेहद बड़ी भूमिका निभाती है. विशेषज्ञों के मुताबिक रोजाना आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए.
1. पालक और हरी पत्तेदार सब्जियाँ – इनमें आयरन की अच्छी मात्रा होती है.
2. दालें और राजमा, चना – वेनजीटेरियन लोगों के लिए बेहतरीन आयरन स्रोत हैं.
3. अनार, चुकंदर, किशमिश जैसे फलों व ड्राई फ्रूट्स से खून और ऊर्जा दोनों में सुधार आता है.
4. लाल मांस, लीवर जैसे मीट खानों वालों के लिए हीम (heme) आयरन सबसे आसानी से अवशोषित रूप में मिलता है.
इस बात को भी ध्यान में रखना जरूरी है कि सिर्फ आयरन वाला खाना ही काफी नहीं होता. विटामिन C के साथ आयरन को मिलाकर खाना इसे शरीर में बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है. जैसे नींबू, संतरा, टमाटर या बेल मिर्च को पालक या दाल के साथ लेना लाभदायक होता है.
कुछ सामान्य आदतें भी आयरन के अवशोषण को कम कर सकती हैं. चाय और कॉफी जैसे पेय में पाए जाने वाले पॉलीफेनॉल और डेयरी में मौजूद कैल्शियम आयरन के अवशोषण को रोक सकते हैं, इसलिए इन्हें आयरन से भरपूर भोजन के तुरंत बाद लेने से बचें.
अगर लगातार थकावट, साँस फूलना या अन्य गंभीर लक्षण दिखें, तो खून की जांच (CBC) करवाना बेहतर होता है. इससे पता चलता है कि आपके शरीर में हीमोग्लोबिन और आयरन का स्तर कितना है और क्या सप्लीमेंट की जरूरत है या नहीं First Updated : Sunday, 14 December 2025