खराब ग्रह दशा का अंत: दशा माता का व्रत रखकर पाएं सुख-समृद्धि, यहां जानें सही तिथि और पूजा विधि
हिंदू धर्म में व्रत और त्योहार जीवन को नई ऊर्जा देते हैं. चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी को 'दशा माता व्रत' रखा जाता है. नाम सुनते ही लगता है. ये व्रत इंसान की किस्मत बदल देता है. पूरी भक्ति से दशा माता की पूजा करने पर जीवन की हर बाधा दूर होती है और आर्थिक तंगी हमेशा के लिए खत्म हो जाती है.

दशा माता का व्रत हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है, जिसे खास तौर पर खराब दशा, आर्थिक तंगी, ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति और जीवन की लगातार आने वाली बाधाओं से मुक्ति पाने के लिए रखा जाता है. मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक इस व्रत को करने से व्यक्ति की दशा सुधरती है, भाग्य मजबूत होता है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. यह व्रत विशेष रूप से महिलाओं द्वारा किया जाता है, जो परिवार की खुशहाली और स्थिरता के लिए दशा माता की आराधना करती हैं.
साल 2026 में यह व्रत चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर रखा जाएगा, जो जीवन की नकारात्मक परिस्थितियों को दूर करने और सकारात्मक बदलाव लाने का शुभ अवसर माना जाता है. पंचांग के अनुसार इस बार व्रत का दिन शुक्रवार पड़ रहा है, जिससे इसकी धार्मिक महत्ता और बढ़ जाती है.
दशा माता व्रत की तिथि और समय
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2026 पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को दशा माता का व्रत रखा जाता है.
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दशमी तिथि की शुरुआत 13 मार्च 2026, सुबह 6 बजकर 28 मिनट से
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दशमी तिथि समाप्त: 14 मार्च 2026, सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर
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तिथि के आधार पर दशा माता का व्रत 13 मार्च 2026, शुक्रवार को रखा जाएगा.
दशा माता की पूजा विधि
दशा माता के व्रत के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं. इसके बाद घर के पूजा स्थान या किसी पवित्र स्थान पर दशा माता की पूजा की जाती है. पूजा में धूप, दीप, फल, फूल और नैवेद्य अर्पित किया जाता है. कई स्थानों पर महिलाएं दशा माता की कथा भी सुनती या पढ़ती हैं. पूजा के बाद परिवार की सुख-समृद्धि और खराब समय से मुक्ति की कामना की जाती है.
दशा माता व्रत क्यों खास माना जाता है?
दशा माता का व्रत भले ही ज्यादा प्रसिद्ध न हो, लेकिन इसकी धार्मिक मान्यता काफी गहरी मानी जाती है. लोक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को नियमित रूप से करने से जीवन की कठिन परिस्थितियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं और व्यक्ति को मानसिक शांति भी प्राप्त होती है. इस प्रकार श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया दशा माता का व्रत जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला माना जाता है.
दशा माता व्रत का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दशा माता का व्रत व्यक्ति के जीवन की नकारात्मक परिस्थितियों को दूर करने वाला माना जाता है. कहा जाता है कि जब किसी व्यक्ति की किस्मत लगातार साथ नहीं देती या ग्रहों की खराब दशा चल रही होती है, तब यह व्रत विशेष लाभ देता है, इसी कारण इसे भाग्य सुधारने वाला व्रत भी माना जाता है.
Disclaimer: ये धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है, JBT इसकी पुष्टि नहीं करता.


