Nirjala Ekadashi 2025: निर्जला एकादशी जिसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं, हिंदू धर्म में एक खास महत्व रखती है. यह दिन भगवान विष्णु की पूजा और उपासना के लिए खास माना जाता है. हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को यह व्रत रखा जाता है. इस दिन भक्तगण पूरे दिन बिना जल और भोजन के उपवास रखते हैं. इस कठिन व्रत को करने से भक्तों को 24 एकादशी का फल प्राप्त होता है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की उपासना के साथ कुछ खास उपाय करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं. इनमें से एक प्रमुख उपाय है दीपक जलाना. इस दिन दीपक जलाने से न केवल घर में सुख-शांति आती है, बल्कि भगवान विष्णु की कृपा भी मिलती है.
श्री हरि के सामने दीपक जलाएं – इस दिन नारायण के सामने घी का दीपक जलाएं. माना जाता है कि इस उपाय से मनचाहा फल मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
तुलसी के पास दीपक जलाना – तुलसी के पौधे के पास घी या तिल के तेल का दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और वातावरण शुद्ध रहता है.
मुख्य द्वार पर दीपक रखें – घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाती है, और शुभता का आगमन होता है.
पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं – पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है, और साथ ही जीवन के सभी दुख समाप्त होते हैं.
निर्जला एकादशी के दिन दीपक जलाने से जीवन में शांति, समृद्धि और खुशहाली का आगमन होता है. यह उपाय घर में नकारात्मक प्रभावों को समाप्त करता है और सकारात्मक वातावरण का निर्माण करता है. यह उपाय भगवान विष्णु की कृपा पाने का एक सरल तरीका है, जो जीवन के अंधकार को दूर करता है और सुख-शांति प्रदान करता है.
पूजा मंत्र (Nirjala Ekadashi Mantras):
"शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम्, विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्. लक्ष्मी-कान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम्, वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्॥"
"दन्ताभये चक्र दरो दधानं, कराग्रगस्वर्णघटं त्रिनेत्रम्. धृताब्जया लिंगितमब्धिपुत्रया, लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे.."
निर्जला एकादशी का व्रत करने से न केवल पापों से मुक्ति मिलती है, बल्कि यह समर्पण और तप का प्रतीक भी है. इस दिन भक्त भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और कठिन उपवास रखते हैं, जो उनके जीवन को आशीर्वाद और सुख-संपत्ति से भर देता है.
निर्जला एकादशी 2025 का पर्व 5 जून को मनाया जाएगा. इस दिन विशेष रूप से दीपक जलाने और भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष लाभ होता है.
निर्जला एकादशी के दिन किए गए उपवास और उपाय से न केवल मानसिक शांति मिलती है बल्कि जीवन में सुख और समृद्धि का वास होता है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और दीपक जलाने से जीवन के हर अंधकार से मुक्ति मिलती है और आशीर्वाद प्राप्त होता है. First Updated : Sunday, 18 May 2025