नई दिल्ली: ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का मेडल खाता खुलने के बाद अब दूसरा पदक भी आ गया है। वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह चनामबम ने पुरुषों की 60 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए रजत पदक जीता। उनकी इस जीत के साथ ही इन खेलों में भारत के कुल मेडल की संख्या 2 हो गई है।
ऋषिकांत का प्रदर्शन फाइनल में यादगार रहा। स्नैच राउंड में उन्होंने 121 किलोग्राम वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड अपने नाम किया। इस एक लिफ्ट ने ही उन्हें मेडल की रेस में आगे कर दिया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में उन्हें थोड़ी परेशानी हुई।
तीन में से सिर्फ एक प्रयास में वे सफल हो पाए और 143 किलोग्राम ही उठा सके। फिर भी स्नैच और क्लीन एंड जर्क को मिलाकर उनका कुल स्कोर 264 किलोग्राम रहा। इसी स्कोर के दम पर वे पोडियम पर दूसरे स्थान पर रहे और भारत को सिल्वर मेडल दिलाया।
इस उपलब्धि के बाद उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह पदक सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे देश का है। ऋषिकांत सिंह ने कहा, "मैंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत की है और सिल्वर मेडल जीतकर बेहद खुश हूं। यह मेडल पूरे भारत का है। मैं भारत सरकार, इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन, सपोर्ट स्टाफ और अपने सभी दोस्तों का दिल से धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने हर कदम पर मेरा साथ दिया।"
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरु और भारतीय टीम के मुख्य कोच विजय शर्मा को भी दिया। ऋषिकांत ने कहा, "मैं अपने गुरु विजय शर्मा का विशेष रूप से आभार व्यक्त करना चाहता हूं। उनके मार्गदर्शन में ही मैंने प्रशिक्षण लिया। उन्होंने हमें सिखाया कि प्रतियोगिता में कैसे प्रदर्शन करना है और किस तरह तैयारी करनी है। मुझे अपनी ट्रेनिंग पर पूरा भरोसा था और मेरा पूरा ध्यान उसी पर केंद्रित था।"
भारतीय वेटलिफ्टर ने अपने इस रजत पदक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में खेलों को लगातार बढ़ावा मिला है और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं व समर्थन प्राप्त हुआ है।
दिन के दूसरे मुकाबलों में भारत को निराशा भी हाथ लगी। लॉन बॉल्स की महिला युगल स्पर्धा में भारतीय जोड़ी को नामीबिया से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि इस हार के बाद भी भारतीय टीम टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुई है। अंक तालिका के हिसाब से वे अभी भी सेमीफाइनल में पहुंचने की दौड़ में बनी हुई हैं। टीम को अगले मैचों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
ऋषिकांत के सिल्वर के बाद अब भारत की उम्मीदें स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू से हैं। ओलंपिक मेडलिस्ट मीराबाई आज मंच पर उतरेंगी। उनके पास कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरा गोल्ड जीतने का मौका है। अगर वे अपना बेस्ट देती हैं तो भारत को एक और गोल्ड मिलना तय माना जा रहा है।
इसके अलावा वेटलिफ्टिंग की अन्य कैटेगरी में भी भारत के 2 और पदक जीतने के चांस हैं। कोच और फेडरेशन को उम्मीद है कि भारोत्तोलन से भारत का मेडल काउंट और बढ़ेगा।
CWG 2026 में भारत ने अब तक एक सिल्वर और एक अन्य मेडल जीता है। ऋषिकांत से पहले भी एक भारतीय एथलीट ने पोडियम फिनिश किया था। खेल मंत्रालय और भारतीय दल ने ऋषिकांत के प्रदर्शन की तारीफ की है। मणिपुर के इस वेटलिफ्टर ने साबित किया कि कड़ी मेहनत से बड़े मंच पर भी रिकॉर्ड बनाए जा सकते हैं।
अगले कुछ दिन भारत के लिए अहम हैं। मीराबाई और अन्य वेटलिफ्टर्स के साथ-साथ एथलेटिक्स और बैडमिंटन से भी पदक की उम्मीदें हैं। फैंस को उम्मीद है कि ग्लासगो से भारत मेडल की अच्छी खेप लेकर लौटेगा। First Updated : Sunday, 26 July 2026