क्रिकेटर आकाशदीप को बिना रजिस्ट्रेशन Fortuner चलाना पड़ा भारी, RTO ने भेजा नोटिस

लखनऊ परिवहन विभाग ने क्रिकेटर आकाश दीप सिंह और मेसर्स सनी मोटर्स पर बिना रजिस्ट्रेशन और HSRP के वाहन डिलीवरी का आरोप लगाकर कड़ी कार्रवाई की है. डीलरशिप का लाइसेंस निलंबित किया गया और वाहन मालिक को सड़क पर वाहन न चलाने का नोटिस दिया गया है. विभाग ने अन्य कई वाहनों के परमिट भी निरस्त और निलंबित किए हैं.

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लखनऊ में परिवहन विभाग ने भारतीय क्रिकेटर आकाश दीप सिंह और चिनहट स्थित कार डीलरशिप मेसर्स सनी मोटर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की है. आरोप है कि डीलरशिप ने आकाश दीप को नई टोयोटा फॉर्च्यूनर बिना पूरी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) तथा थर्ड रजिस्ट्रेशन मार्क के वाहन डिलीवर किया. यह नियमों के खिलाफ है, जिसके कारण विभाग ने मामले की जांच की और आवश्यक कार्रवाई की.

प्रारंभिक जांच में खुलासे

लखनऊ ARTO (Assistant Regional Transport Officer) की जांच और वाहन पोर्टल के रिकॉर्ड के अनुसार, वाहन का बिक्री बिल 7 अगस्त 2025 को जारी किया गया था, बीमा 8 अगस्त 2025 को हुआ, लेकिन रोड टैक्स का भुगतान अभी तक नहीं किया गया था. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी अधूरी पाई गई. इसके बावजूद वाहन सड़क पर चलाया जा रहा था, जो नियमों का उल्लंघन है. यह मामला विभाग के लिए गंभीर चुनौती बना.

डीलरशिप को नोटिस

मेसर्स सनी मोटर्स को केंद्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 के नियम 44 के तहत 14 दिनों में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. डीलरशिप को कानूनी स्पष्टीकरण देना आवश्यक है. अगर वे इस अवधि में उचित जवाब नहीं देते हैं, तो उनके ट्रेड सर्टिफिकेट को रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही, विभाग ने डीलरशिप का लाइसेंस एक महीने के लिए अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है.

वाहन मालिक पर प्रतिबंध

आकाश दीप सिंह को मोटरयान एक्ट 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत नोटिस भेजा गया है. उन्हें निर्देश दिया गया है कि जब तक वाहन का रजिस्ट्रेशन, HSRP और थर्ड रजिस्ट्रेशन मार्क पूरी तरह से नहीं हो जाता और वैध बीमा नहीं मिलता, तब तक वह वाहन सड़क पर न चलाएं. अगर उन्होंने नियमों का उल्लंघन किया तो वाहन जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

विभाग की कड़ी प्रतिक्रिया

परिवहन विभाग ने कहा है कि यदि प्रसिद्ध हस्तियां भी नियमों का उल्लंघन करती हैं, तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा और कानून पालन की संस्कृति कमजोर होगी. इसलिए विभाग ने साफ कर दिया है कि किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा. विभाग ने सभी वाहन मालिकों और डीलरों से अपील की है कि वे वाहन की डिलीवरी से पहले पूरी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और HSRP का पालन करें और केवल बीमा व इनवॉइस के आधार पर वाहन सड़क पर न उतारें.

परिवहन विभाग की व्यापक कार्रवाई

इस मामले के अलावा, लखनऊ परिवहन विभाग ने और भी सख्त कदम उठाए हैं. विभाग ने 8,322 वाहनों के परमिट निरस्त किए हैं और 738 परमिट को 45 दिनों के लिए निलंबित किया है. साथ ही, 1,200 परमिटधारकों को नोटिस जारी की गई है, जिनके परमिट की वैधता सात साल से अधिक समय पहले समाप्त हो चुकी है. यह कार्रवाई विभाग की नियमों के प्रति सख्ती और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.

First Updated : Monday, 11 August 2025