नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 10 जुलाई को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ पहला टेस्ट खेलते हुए ऐसा कमाल कर दिखाया, जो सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे दिग्गज भी नहीं कर पाए।
पहले दिन 58 रनों की पारी खेलकर हरमनप्रीत लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल तीनों फॉर्मेट में अर्धशतक लगाने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं।
37 साल की हरमनप्रीत ने इससे पहले यहां वनडे और टी20 में भी 50 से ज्यादा रन बनाए थे। अब टेस्ट में भी अर्धशतक जड़कर उन्होंने एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। लॉर्ड्स की पवित्र पिच पर यह कारनामा पुरुष क्रिकेट में अब तक कोई भारतीय नहीं कर सका था।
टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी भारत की शुरुआत खराब रही। शेफाली वर्मा खाता खोले बिना आउट हो गईं और यास्तिका भाटिया 12 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। 7 ओवर में ही भारत 37/2 था।
यहां से स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 64 रन जोड़े। जेमिमा ने 38 गेंदों में 35 रन बनाए और इस्सी वोंग की गेंद पर आउट हुईं।
जेमिमा के जाने के बाद हरमनप्रीत क्रीज पर आईं। उन्होंने स्मृति के साथ मिलकर इंग्लैंड के गेंदबाजों को खुलकर खेला। चौथे विकेट के लिए दोनों ने 89 रनों की साझेदारी की। हरमनप्रीत कौर ने स्ट्राइक घुमाने के साथ-साथ खराब गेंदों पर चौके भी लगाए। स्मृति 83 रन बनाकर शतक से चूक गईं।
उन्हें भी वोंग ने विकेट के पीछे कैच कराया। इसके ठीक बाद हरमनप्रीत ने अपना अर्धशतक पूरा किया और इतिहास बना दिया। लेकिन जश्न ज्यादा देर नहीं टिका। डेब्यू कर रही स्पिनर मैडी विलियर्स ने उन्हें बोल्ड कर दिया।
हरमन के आउट होते ही भारतीय पारी बिखर गई। इंग्लैंड ने बाकी 7 विकेट सिर्फ 85 रन में झटक लिए। लेकिन निचले क्रम में दीप्ति शर्मा ने हार नहीं मानी। उन्होंने 57 रन की जुझारू पारी खेली और स्नेह राणा के साथ 45 रन जोड़े। इसी बदौलत भारत पहली पारी में 285 रन तक पहुंच पाया।
लॉर्ड्स में हरमनप्रीत की यह पारी सिर्फ रनों के लिए नहीं, बल्कि रिकॉर्ड के लिए भी याद रखी जाएगी। उन्होंने दिखा दिया कि जुनून और अनुभव मिल जाए तो इतिहास खुद बन जाता है। First Updated : Saturday, 11 July 2026