नई दिल्ली: ICC ने 2027 में होने वाले पुरुष वनडे वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में ऐतिहासिक बदलाव कर दिया है। एडिनबर्ग में हुई सालाना AGM के बाद ICC ने नए नियमों का खुलासा किया। मकसद साफ है - टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों को ज्यादा रोमांचक बनाना ताकि कोई टीम शुरुआती राउंड को हल्के में न ले। टूर्नामेंट की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे। इसमें कुल 14 टीमें खेलेंगी। लेकिन इस बार मेन ग्रुप स्टेज से पहले ही एक टीम बाहर हो जाएगी।
ICC इस बार एक नया 'सुपर सीरीज' राउंड लेकर आ रहा है। रैंकिंग में सबसे नीचे मौजूद 3 टीमें आपस में राउंड-रॉबिन मैच खेलेंगी। यानी तीनों टीमें एक-दूसरे से भिड़ेंगी। इस राउंड की सिर्फ 1 टीम ही आगे बढ़ेगी। बाकी 2 टीमों का सफर यहीं खत्म हो जाएगा। ICC का कहना है कि इससे शुरुआती दौर में भी हर मैच नॉकआउट जैसा फील देगा।
सुपर सीरीज से क्वालिफाई करने वाली 1 टीम और पहले से सीधी एंट्री पाने वाली 11 टीमों को मिलाकर कुल 12 टीमें होंगी। इन 12 टीमों को 6-6 के 2 ग्रुप में बांटा जाएगा। हर टीम अपने ग्रुप की बाकी 5 टीमों से 1-1 मैच खेलेगी। इस तरह राउंड 2 में कुल 30 मुकाबले होंगे।
ग्रुप स्टेज खत्म होने पर दोनों ग्रुप की टॉप 3 टीमें यानी कुल 6 टीमें सीधे आगे जाएंगी। साथ ही दोनों ग्रुप में 7वें नंबर पर रहने वाली टीमों में से जिसका प्रदर्शन सबसे अच्छा होगा, उसे भी मौका मिलेगा।
ग्रुप स्टेज के बाद टूर्नामेंट 'सुपर-7' राउंड में जाएगा। ये इस वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा नया आकर्षण है। इस राउंड में 7 टीमें एक-दूसरे से एक-एक मैच खेलेंगी। यानी कुल 21 हाई-वोल्टेज मैच होंगे। सभी मैचों के बाद पॉइंट्स टेबल बनेगी। इस टेबल की टॉप 4 टीमें सीधे सेमीफाइनल में पहुंच जाएंगी। सेमीफाइनल का फॉर्मूला भी सीधा है - नंबर 1 vs नंबर 4 और नंबर 2 vs नंबर 3।
ICC का तर्क है कि 14 टीमों के वर्ल्ड कप में कई बार शुरुआती मैच एकतरफा हो जाते थे। 'सुपर सीरीज' से निचली रैंक की टीमों को साबित करने का मौका मिलेगा और 'सुपर-7' से बीच के राउंड में भी मुकाबला कड़ा रहेगा।
इस नए फॉर्मूले से कुल मैचों की संख्या बढ़ेगी और हर टीम को फाइनल तक पहुंचने के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। 2027 वर्ल्ड कप अक्टूबर-नवंबर में खेला जाएगा। फैंस के लिए ये फॉर्मेट जरूर ज्यादा ड्रामा और अनिश्चितता लेकर आएगा। First Updated : Wednesday, 15 July 2026