'शोएब अख्तर और आसिफ भारत में ड्रग्स लाते थे', पूर्व MHA अधिकारी के दावे से मचा हड़कंप

गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी आरवीएस मणि ने एक पॉडकास्ट में पाकिस्तान से जुड़े कुछ गंभीर दावे किए हैं. उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के पास उस समय ऐसी सूचनाएं आती थीं, जिनमें भारत आने वाले कुछ पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडलों पर ड्रग्स तस्करी के आरोप लगाए गए थे.

Yashika Jandwani

नई दिल्ली: गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी आरवीएस मणि ने एक पॉडकास्ट में पाकिस्तान से जुड़े कुछ गंभीर दावे किए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल के दौरान भारत आने वाले कुछ पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडलों और क्रिकेट टीमों के जरिए ड्रग्स की तस्करी की जाती थी. उन्होंने यह भी दावा किया कि इस गतिविधि के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की भूमिका हो सकती है.

2006-2010 के दौरान की घटनाएं

आरवीएस मणि वर्ष 2006 से 2010 के बीच गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा विभाग में अंडर सेक्रेटरी रहे थे. उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के पास उस समय ऐसी सूचनाएं आती थीं, जिनमें भारत आने वाले कुछ पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडलों पर ड्रग्स तस्करी के आरोप लगाए गए थे.

शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ का नाम

पूर्व अधिकारी ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ का नाम भी ऐसे मामलों में सामने आया था. उनके अनुसार, दोनों खिलाड़ियों ने कथित तौर पर पाकिस्तानी उच्चायुक्त के समक्ष ड्रग्स लाने की बात स्वीकार की थी, जिसके बाद उन्हें वापस भेज दिया गया. हालांकि, इस दावे की पुष्टि के लिए कोई आधिकारिक दस्तावेज या सार्वजनिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है. 

आरवीएस मणि ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के अनुसार आतंकवाद की फंडिंग का एक बड़ा हिस्सा ड्रग्स तस्करी से आता है. उन्होंने दावा किया कि भारत में ड्रग्स की तस्करी का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से किया जाता था.

बॉब वूल्मर की रहस्यमय मौत 

उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कोच बॉब वूल्मर की 2007 में हुई रहस्यमय मौत का भी जिक्र किया। हालांकि, उन्होंने इस घटना को लेकर कोई प्रत्यक्ष सबूत पेश नहीं किया, बल्कि इसे अपने दावों के संदर्भ में उल्लेखित किया. पूर्व अधिकारी ने यह भी कहा कि खुफिया एजेंसियां समय-समय पर गृह मंत्रालय को इनपुट देती थीं, लेकिन आगे की कार्रवाई संबंधित एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र में होती है. फिलहाल, आरवीएस मणि के इन दावों पर पाकिस्तान, संबंधित खिलाड़ियों या किसी सरकारी एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. ऐसे में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है.

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