भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे चौथे टेस्ट मैच के अंतिम दिन भारतीय टीम ने साहसिक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया. दिन की शुरुआत सलामी बल्लेबाज केएल राहुल और शुभमन गिल की संयमित पारी से हुई, जिन्होंने टीम को मजबूत शुरुआत दी. इसके बाद वॉशिंगटन सुंदर और रवींद्र जडेजा की शानदार साझेदारी ने मैच को ड्रॉ की ओर मोड़ दिया. भारत ने इस दौरान इंग्लैंड पर 50 रनों की बढ़त भी बना ली.
इससे पहले इंग्लैंड में यह कारनामा किसी भी एशियाई खिलाड़ी ने नहीं किया था. तेज और स्विंग करती पिचों पर स्पिन ऑलराउंडर के रूप में रन और विकेट का यह संयोजन उनके कौशल का प्रमाण है.
इंग्लैंड की पिचें पारंपरिक रूप से तेज गेंदबाजों के लिए मुफीद मानी जाती हैं. ऐसे में एक स्पिन गेंदबाज का वहां इस स्तर का प्रदर्शन करना बेहद खास है. रवींद्र जडेजा की इस उपलब्धि की तुलना महान क्रिकेटर गैरी सोबर्स से की जा रही है. गैरी सोबर्स के बाद जडेजा पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने इंग्लैंड में नंबर 6 से 11 के बीच बल्लेबाजी करते हुए 1000 से ज्यादा रन बनाए हैं.
इस टेस्ट की दूसरी पारी में जडेजा ने एक और अर्धशतक (50 रन) जड़ दिया. यह इस सीरीज में उनका पांचवां अर्धशतक रहा. उन्होंने प्रत्येक मैच में बल्ले से महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है और टीम को संकट की स्थिति से निकालने में अहम भूमिका निभाई है. इतना ही नहीं, जडेजा इंग्लैंड में एक टेस्ट सीरीज के दौरान नंबर 6 से 11 के बीच बल्लेबाजी करते हुए 5 अर्धशतक लगाने वाले पहले एशियाई क्रिकेटर बन गए हैं.
रवींद्र जडेजा का यह प्रदर्शन ना केवल रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया है, बल्कि भारतीय टीम के आत्मविश्वास को भी मजबूती देता है. टेस्ट क्रिकेट में एक ऑलराउंडर का इस तरह का योगदान टीम की जीत या ड्रॉ सुनिश्चित करने में निर्णायक भूमिका निभाता है.
First Updated : Sunday, 27 July 2025