ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की नई प्रतिभा भारतीय मूल के हरजस सिंह ने क्रिकेट जगत में अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा है. 20 वर्षीय इस खिलाड़ी ने सिडनी ग्रेड क्रिकेट में 50 ओवर के मैच में तिहरा शतक लगाकर खुद को एक खास मुकाम पर ला खड़ा किया है.
हरजस सिंह ने इस मुकाबले में 141 गेंदों का सामना करते हुए कुल 314 रन बनाए. उनके इस विस्फोटक प्रदर्शन में 35 छक्के और 12 चौके शामिल थे, जिसने दर्शकों को क्रिकेट का सच्चा रोमांच महसूस कराया. उनकी पारी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया और क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक यादगार मुकाबला बन गया.
हरजस की तूफानी बल्लेबाजी के दम पर वेस्टर्न सबअर्ब टीम ने सिडनी क्रिकेट क्लब के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए पांच विकेट के नुकसान पर 483 रन बनाने में सफलता हासिल की. इस स्कोर ने विपक्षी टीम पर मानसिक दबाव भी बना दिया और मैच में वेस्टर्न सबअर्ब की बढ़त सुनिश्चित की.
हरजस की 314 रनों की पारी ने उन्हें न्यू साउथ वेल्स प्रीमियर फर्स्ट ग्रेड इतिहास के तीसरे सर्वोच्च स्कोरर के रूप में दर्ज कर दिया है. इतिहास में पहले स्थान पर विक्टर ट्रंपर का नाम है, जिन्होंने 1903 में 335 रनों की तिहरी शतकीय पारी खेली थी. वहीं, दूसरे स्थान पर फिल जैक्स हैं, जिन्होंने 2007 में 321 रन बनाए थे. अब हरजस सिंह तीसरे स्थान पर हैं.
मैच के दौरान हरजस ने पहले 74 गेंदों में शतक पूरा किया. इसके बाद उन्होंने 103 गेंदों में दोहरा शतक और 132 गेंदों में तिहरा शतक पूरा कर क्रिकेट इतिहास में अपनी बल्लेबाजी का जादू दिखाया.
हरजस सिंह का भारत के साथ गहरा संबंध है. उनके माता-पिता 24 साल पहले चंडीगढ़ में रहते थे, लेकिन रोजगार के लिए ऑस्ट्रेलिया चले गए, वहीं हरजस का जन्म हुआ. हरजस आखिरी बार 2015 में भारत आए थे.
साल 2024 में आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया टीम ने खिताब अपने नाम किया. हरजस उस टीम का हिस्सा थे और फाइनल मुकाबले में भारत के खिलाफ उन्होंने 55 रन की अर्धशतकीय पारी खेली थी. यह उनकी बल्लेबाजी की क्षमता और मैच पर पकड़ का प्रमाण है.
हरजस सिंह की यह पारी न केवल ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिए बल्कि भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी गौरव का क्षण है. उनके खेल में भारतीय जड़ों की झलक और आधुनिक क्रिकेट की तकनीक का मिश्रण देखने को मिलता है.
First Updated : Sunday, 05 October 2025