कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का शानदार आगाज, झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में जीता ब्रॉन्ज मेडल

पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुषों की हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर देश का मेडल तालिका में खाता खोल दिया है. प्रतियोगिता के दौरान झंडू कुमार ने कुल 190 किलोग्राम का वजन सफलतापूर्वक उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया.

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नई दिल्ली: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित हो रहे राष्ट्रमंडल खेल के दूसरे दिन भारत के लिए खुशखबरी आई है. बिहार के होनहार पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुषों की हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर देश का मेडल तालिका में खाता खोल दिया है. इसके अलावा तैराकी, मुक्केबाजी और लॉन बॉल्स जैसे खेलों में भी भारतीय एथलीटों ने अपने-अपने मुकाबलों में दमदार प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखा.

190 किग्रा भार उठाकर पक्का किया मेडल

प्रतियोगिता के दौरान झंडू कुमार ने कुल 190 किलोग्राम का वजन सफलतापूर्वक उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया. उन्होंने कुल 130.9 अंक हासिल किए. अपने पहले प्रयास में ही उन्होंने 181 किग्रा भार उठाकर 124.7 अंक जुटाए और प्रतियोगिता में एक मजबूत शुरुआत की. इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने 190 किग्रा वजन उठाकर पदक पक्का कर लिया. हालांकि, तीसरे व अंतिम प्रयास में वे 196 किग्रा भार उठाने से मामूली अंतर से चूक गए, अन्यथा बर्मिंघम 2022 खेलों का रिकॉर्ड टूट सकता था. इसके अलावा तैराकी, मुक्केबाजी और लॉन बॉल्स जैसे खेलों में भी भारतीय एथलीटों ने अपने-अपने मुकाबलों में दमदार प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखा.

'लग रहा है हवा में उड़ रहा हूं'

ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करने के बाद झंडू कुमार ने अपनी खुशी बयां की. उन्होंने कहा कि पहला अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है मानो वे हवा में उड़ रहे हों. झंडू ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान उनके दिमाग में केवल एक ही लक्ष्य था कि किसी भी कीमत पर भारत के लिए पदक जीतना है. अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय उन्होंने अपने परिवार, कोच, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) को दिया, जिन्होंने उनकी ट्रेनिंग में लगातार सहयोग किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई

झंडू कुमार की इस ऐतिहासिक जीत पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्हें विशेष बधाई दी. पीएम मोदी ने लिखा कि झंडू कुमार की यह सफलता उनकी अदम्य इच्छाशक्ति, शारीरिक क्षमता और सालों की कठिन अनुशासित मेहनत का प्रतिफल है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर न केवल देश का मस्तक ऊंचा किया है, बल्कि करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बने हैं.

First Updated : Saturday, 25 July 2026