न्यूजीलैंड के दिग्गज केन विलियमसन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया सन्यास
न्यूजीलैंड के दिग्गज किलाड़ी केन विलियमसन ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से तत्काल प्रभाव से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है.

नई दिल्ली: न्यूजीलैंड के दिग्गज किलाड़ी केन विलियमसन ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से तत्काल प्रभाव से संन्यास लेने की घोषणा कर दी. इसके साथ ही उनके 16 वर्षों से अधिक लंबे शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का समापन हो गया. 35 वर्षीय बल्लेबाज न्यूजीलैंड क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल और सम्मानित खिलाड़ियों में गिने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर के दौरान सभी प्रारूपों में मिलाकर 19 हजार से अधिक रन बनाए और कई यादगार पारियां खेलीं.
विलियमसन ने छह दोहरे शतक लगाए
विलियमसन ने अपने करियर में 48 अंतरराष्ट्रीय शतक और छह दोहरे शतक लगाए. उनकी बल्लेबाजी शैली, शांत स्वभाव और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें विश्व क्रिकेट में अलग पहचान दिलाई. वह लंबे समय तक न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी के मुख्य स्तंभ रहे और कठिन परिस्थितियों में टीम को संभालने की जिम्मेदारी निभाते रहे.
कप्तान के तौर पर उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि 2021 में आई, जब उन्होंने न्यूजीलैंड को पहली बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जिताया. यह देश के क्रिकेट इतिहास में आईसीसी स्तर पर सबसे महत्वपूर्ण सफलताओं में से एक माना जाता है. इससे पहले 2019 वनडे विश्व कप में भी न्यूजीलैंड उनकी कप्तानी में खिताब जीतने के बेहद करीब पहुंचा था. हालांकि फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ सुपर ओवर के बाद बाउंड्री नियम के आधार पर टीम को हार का सामना करना पड़ा. उस टूर्नामेंट में विलियमसन को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था, लेकिन विश्व कप ट्रॉफी उनके हाथ नहीं लग सकी.
इसके बाद 2021 टी20 विश्व कप में भी उन्होंने न्यूजीलैंड को फाइनल तक पहुंचाया, लेकिन वहां ऑस्ट्रेलिया ने उनकी टीम को मात दे दी. इसके बावजूद उनकी कप्तानी और प्रदर्शन को क्रिकेट जगत में काफी सम्मान मिला.
विलियमसन ने क्या कहा?
संन्यास की घोषणा करते हुए विलियमसन ने कहा कि वह लंबे समय से इस फैसले पर विचार कर रहे थे और अब उन्हें लगा कि यही सही समय है. उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की जर्सी पहनकर हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की और इसी संतोष के साथ वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह रहे हैं.
उन्होंने भविष्य की न्यूजीलैंड टीम पर भरोसा जताते हुए कहा कि मौजूदा टीम में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और आने वाले वर्षों में यह टीम बड़ी सफलताएं हासिल कर सकती है. वहीं न्यूजीलैंड के मुख्य कोच रॉब वॉल्टर ने विलियमसन को खेल का महान राजदूत बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा टीम को व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर रखा. उनके अनुसार, केन की विरासत सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि टीम संस्कृति और मूल्यों पर उनका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक महसूस किया जाएगा.


