Delhi weather: नई दिल्ली में शुक्रवार सुबह अचानक बदला मौसम कई इलाकों में कहर बनकर टूटा. तेज हवाओं और बारिश के चलते द्वारका के खड़कड़ी नहर गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां एक पेड़ गिरने से ट्यूबवेल रूम ढह गया और उसमें दबकर एक महिला और उसके तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई. मौसम में अचानक बदलाव के कारण दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश, ओले और तेज आंधियों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. इससे एक ओर जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर कई जगहों पर पेड़ गिरने, उड़ते मलबे और यातायात में बाधा जैसी समस्याएं भी सामने आईं.
द्वारका के खड़कड़ी नहर गांव में शुक्रवार, 2 मई की सुबह तेज़ हवाओं की वजह से एक नीम का पेड़ पास के एक खेत में बने ट्यूबवेल रूम पर गिर पड़ा. हादसे के समय ट्यूबवेल रूम में एक महिला अपने बच्चों के साथ मौजूद थी. पेड़ गिरने से ढांचा पूरी तरह ढह गया और सभी उसमें दब गए.
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. मलबे से 26 वर्षीय महिला ज्योति और उसके तीन बच्चों को बाहर निकाला गया और तुरंत RTR अस्पताल, जाफरपुर कलां ले जाया गया. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया. हादसे में महिला के पति अजय को मामूली चोटें आईं और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई.
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम सहित एनसीआर के कई हिस्सों में शुक्रवार तड़के तेज़ तूफ़ान और बारिश ने दस्तक दी. मौसम विभाग के अनुसार, ये तेज़ हवाएं 50–70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं. इससे कई इलाकों में पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और आवागमन में परेशानी जैसी घटनाएं देखने को मिलीं.
मौसम के इस अचानक बदले मिज़ाज का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा. रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली एयरपोर्ट पर 40 से अधिक फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया, जबकि करीब 100 उड़ानों में देरी हुई.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बारिश और आंधी के बाद शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण किया. उन्होंने मजनूं का टीला और आईटीओ का दौरा कर हालात का जायजा लिया और संबंधित विभागों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए. First Updated : Friday, 02 May 2025