नई दिल्ली: दिल्ली के बाद अब मुंबई की हवा भी गंभीर रूप से प्रदूषित हो चुकी है. समंदर किनारे बसे इस जगमगाते शहर को प्रदूषण की ऐसी मार मिली है, जैसी पहले कभी नहीं देखी गई. शहर का औसत AQI 267 दर्ज किया गया है, जबकि कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार पहुंच गया है, जो बेहद खतरनाक स्तर माना जाता है. स्थिति बिगड़ते देख मुंबई महानगरपालिका (BMC) सख्ती में उतर आई है, वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी सरकार को कड़े शब्दों में चेताया है.
हाईकोर्ट ने प्रदूषण के लिए ‘इथोपिया ज्वालामुखी’ को दोषी ठहराने वाली सरकारी दलील को सिरे से खारिज कर दिया है. दूसरी ओर प्रदूषण रोकने के लिए बीएमसी ने मुंबईभर में 53 निर्माण स्थलों पर काम रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं और हालात न सुधरे तो GRAP-IV जैसी सख्त पाबंदियां लागू करने की चेतावनी भी दी है.
मुंबई और उपनगरों में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रण में लाने के लिए बीएमसी ने ‘रोड क्लीननेस एंड डस्ट कंट्रोल कैंपेन’ चलाया है, जो 30 नवंबर 2025 तक जारी रहेगा. यह अभियान सभी वार्डों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट विभाग के जूनियर सुपरवाइजर्स की निगरानी में चलाया जा रहा है. कैंपेन में पानी के टैंकर, मिस्टिंग मशीनें और अन्य मैकेनिकल उपकरणों का इस्तेमाल कर सड़कों पर जमा धूल को नियंत्रित किया जा रहा है.
मुंबई की एयर क्वालिटी तेजी से खराब हुई है:-
मुंबई का औसत AQI: 267 (अनहेल्दी)
मझगांव: 305
चाकला-अंधेरी ईस्ट: 263
नेवी नगर-कोलाबा: 271
मालाड: 223
मुंबई के आसपास भी स्थिति चिंताजनक है:-
ठाणे: 188
नवी मुंबई: 186
मीरा-भायंदर: 192
पूरे महाराष्ट्र में वायु गुणवत्ता गिर रही है, वहीं नागपुर में AQI 200 के आसपास पहुंच गया है, जो ‘अनहेल्दी’ श्रेणी में आता है.
विशेषज्ञों के अनुसार वायु प्रदूषण में तेजी कई कारणों से देखी जा रही है :-
वाहन उत्सर्जन में वृद्धि
लगातार बढ़ता निर्माण कार्य और धूल
मौसम में बदलाव
स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या दिल के मरीजों को जितना हो सके घर के अंदर रहने, मास्क पहनने और घर की खिड़कियां-दरवाजे बंद रखने की सलाह दी है. एयर प्यूरीफायर का उपयोग भी अत्यंत जरूरी बताया गया है.
प्रदूषण नियंत्रण के लिए बीएमसी ने कड़े कदम उठाए हैं:-
बिगड़ते AQI के चलते 53 निर्माण स्थलों पर काम रोकने का नोटिस जारी किया गया.
प्रदूषण पर लगाम न लगी तो GRAP-IV लागू करने की चेतावनी दी गई है.
सभी साइट्स पर AQI मॉनिटरिंग सेंसर, टिन बैरिकेड्स और ग्रीन कवर लगाना अनिवार्य किया गया है.
तोड़फोड़ के दौरान नियमित पानी का छिड़काव, मलबे का वैज्ञानिक निस्तारण और सामग्री चढ़ाने-उतारने के समय फॉगिंग अनिवार्य की गई है.
मुंबई में प्रदूषण पर दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई.
सरकारी वकील की यह दलील कि हवा खराब होने की वजह इथोपिया में ज्वालामुखी फटना है, कोर्ट ने खारिज कर दी.
कोर्ट ने कहा कि ज्वालामुखी फटने से पहले ही वायु प्रदूषण बढ़ा हुआ था. ज्वालामुखी विस्फोट से पहले भी, अगर कोई बाहर निकलता था तो 500 मीटर से आगे दृश्यता बहुत कम होती थी.
दिल्ली का उदाहरण देते हुए कोर्ट ने कहा कि हम सब देख रहे हैं कि दिल्ली में क्या हो रहा है?