मुंबई: बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों के शुरुआती रुझानों में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन की बढ़त के बीच शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि डरने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन मुंबई जैसे बड़े शहर में सामने आ रहा मतदान पैटर्न गंभीर सवाल खड़े करता है.
संजय राउत ने आरोप लगाया कि जिन इलाकों में शिवसेना (यूबीटी), एमएनएस और कांग्रेस का प्रभाव है, वहां से विधानसभा चुनाव में वोट डाल चुके हजारों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब पाए गए हैं. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए.
संजय राउत ने कहा,"मुंबई जैसे शहर में जो मतदान का पैटर्न चल रहा है, वह एक गंभीर मुद्दा है. विधानसभा चुनाव में वोट डाल चुके हजारों लोगों के नाम उन इलाकों से गायब हैं जहां शिवसेना (यूबीटी), एमएनएस या कांग्रेस का दबदबा है. ईवीएम मशीन ठीक से काम नहीं कर रही है… चुनाव आयोग हमारी बात सुनने को तैयार नहीं है. कल भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और चुनाव आयोग के कर्मचारियों के बीच बैठक हुई, क्यों? आचार संहिता अभी भी लागू है."
उन्होंने यह भी कहा कि मतदान प्रतिशत की आधिकारिक घोषणा से पहले ही एग्जिट पोल सामने आ गए और भाजपा ने जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया.
बीएमसी चुनावों की मतगणना से मिले शुरुआती रुझानों के मुताबिक, डाक मतपत्रों की गिनती में भाजपा-शिवसेना (महायुति) गठबंधन लगभग 52 वार्डों में आगे चल रहा है.
अब तक की जानकारी के अनुसार:
हालांकि, राज्य चुनाव आयोग (SEC) और बीएमसी के आधिकारिक आंकड़ों का अब भी इंतजार है.
शुरुआती गिनती में ठाकरे बंधुओं के लिए दिन की शुरुआत खास अच्छी नहीं रही.
राज्य चुनाव आयुक्त (एसईसी) के अनुसार, बीएमसी चुनाव में 52.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. यह आंकड़ा 2017 के चुनावों में हुए 55.53 प्रतिशत मतदान से कम है.
गौरतलब है कि:
74,400 करोड़ रुपये से अधिक के वार्षिक बजट वाली बीएमसी के चुनाव चार साल की देरी के बाद कराए गए. ये चुनाव 2022 में शिवसेना में हुए विभाजन के बाद पहले बीएमसी चुनाव थे, जब एकनाथ शिंदे पार्टी के अधिकांश विधायकों के साथ अलग होकर भाजपा के साथ सरकार में शामिल हुए थे. First Updated : Friday, 16 January 2026