Bihar Assembly Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है. इस बार यह सौगात उन आशा और ममता कार्यकर्ताओं के लिए है, जो गांव-गांव में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाती हैं. मंगलवार को नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया के माध्यम से इन महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा की.
सीएम नीतीश ने बताया कि सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आशा और ममता कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि को बढ़ाने का फैसला किया है. इससे न केवल इन कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी व सशक्त होंगी.
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अब तक जहां आशा कार्यकर्ताओं को 1000 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती थी, उसे बढ़ाकर 3000 रुपए प्रति माह कर दिया गया है. यह निर्णय उनके समर्पण और योगदान को देखते हुए लिया गया है.
नीतीश कुमार ने एक्स पर कहा, "नवम्बर 2005 में सरकार बनने के बाद से हमलोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया है. ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में आशा तथा ममता कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है."
सरकार ने ममता कार्यकर्ताओं के लिए भी प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी की है. अब उन्हें प्रति प्रसव ₹300 की जगह 600 रुपए प्रदान किए जाएंगे. इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे और भी उत्साह के साथ अपनी सेवाएं दे सकेंगी. नीतीश कुमार ने बताया, "आशा एवं ममता कार्यकर्ताओं के अहम योगदान को सम्मान देते हुए उनकी मानदेय राशि में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है."
नीतीश कुमार ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती में आशा और ममता कार्यकर्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है. सरकार का यह निर्णय एक सकारात्मक पहल है, जिससे ये कार्यकर्ता और अधिक आत्मनिर्भर और प्रेरित होंगी.
राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह फैसला चुनावी मौसम में महिलाओं को लुभाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. नीतीश सरकार इस फैसले से राज्य की लगभग 1.2 लाख से अधिक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सीधे लाभ पहुंचाने जा रही है. First Updated : Wednesday, 30 July 2025