इंसाफ मांग रहे SSC के छात्रों पर BJP की तानाशाही, रात के अंधेरे में लाठियों से पिटा... केजरीवाल का केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप
दिल्ली के रामलीला मैदान में SSC परीक्षा में धांधली के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और शिक्षकों पर दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया. आम आदमी पार्टी ने इस कार्रवाई को भाजपा सरकार की तानाशाही बताते हुए कड़ी आलोचना की. आप नेताओं ने छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि वे युवाओं की आवाज नहीं दबने देंगे और उनके न्याय की लड़ाई में हरसंभव साथ देंगे.

दिल्ली के रामलीला मैदान में SSC परीक्षा में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और शिक्षकों पर दिल्ली पुलिस ने जमकर लाठियाँ बरसाईं. यह प्रदर्शन लंबे समय से जारी था, जिसमें छात्र अपने भविष्य को सुरक्षित करने की मांग कर रहे थे. लेकिन रविवार रात पुलिस ने अचानक प्रदर्शन स्थल की लाइटें बंद कर दीं और अंधेरे में प्रदर्शनकारियों पर हमला कर दिया. कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिनमें छात्रों को पीटे जाने के दृश्य सामने आए हैं.
आम आदमी पार्टी का बीजेपी सरकार पर तीखा हमला
सौरभ भारद्वाज की प्रेस वार्ता में गंभीर आरोप
दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने आम आदमी पार्टी के मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर पूरी घटना को लोकतंत्र पर हमला बताया. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल छात्र और शिक्षक शांतिपूर्वक अपनी मांग रख रहे थे, लेकिन पुलिस ने टेंट की बिजली काट दी और अंधेरे में लाठीचार्ज शुरू कर दिया. सौरभ ने बताया कि सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मियों ने छात्रों को बेरहमी से मारा, जिससे कई छात्र घायल हो गए. छात्रों ने अपने मोबाइल फोन की लाइट जलाकर वीडियो रिकॉर्ड किए, जो अब इंटरनेट पर वायरल हैं.
मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य अधर में
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भारत के लाखों छात्र सालों तक कड़ी मेहनत करते हैं ताकि उन्हें एक सरकारी नौकरी मिल सके, लेकिन हर बार परीक्षा में भ्रष्टाचार और धांधली उनकी मेहनत को बर्बाद कर देती है. उन्होंने कहा कि जैसे NEET परीक्षा में संगठित गड़बड़ियां सामने आईं, वैसे ही SSC परीक्षा में भी वर्षों से अनियमितताएं हो रही हैं. जो छात्र पैसे और सिफारिश के बल पर नहीं खेल सकते, वे हताश होकर घर बैठने को मजबूर हैं.
दिल्ली पुलिस की कथित दमनकारी छवि
आप नेता ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कई सालों में दिल्ली पुलिस ने हर वर्ग के लोगों पर लाठियाँ चलाई हैं—चाहे वे व्यापारी हों, डॉक्टर, छात्र, फौजी, वकील या पत्रकार. उन्होंने कहा कि बीजेपी के राज में लोकतांत्रिक विरोध को कुचलने की आदत बन गई है. किसी भी वर्ग की आवाज़ उठती है, तो पुलिस उसे दबाने में लग जाती है. यहां तक कि आम आदमी पार्टी के नेता और मंत्री भी सड़क पर घसीटे गए हैं.
प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ोतरी और शिक्षा पर सवाल
सौरभ भारद्वाज ने शिक्षा मंत्रालय पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल 2025 से दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की फीस 30% से 80% तक बढ़ा दी गई है, लेकिन किसी भी स्कूल की ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई. जब अभिभावकों ने शिक्षा मंत्री से सवाल पूछे, तो उन्हें धमकाया गया. उन्होंने कहा कि यह स्थिति सिर्फ तानाशाही की मिसाल है, जहाँ सत्ता में बैठे लोग जनता की नहीं, सिर्फ अपनी सुनते हैं.
विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रियाएं
पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने इस पूरी घटना को “लाठी-लीला” का नाम दिया और कहा कि मोदी सरकार रोजगार देने में सबसे पीछे, लेकिन लाठी चलवाने में सबसे आगे है. वहीं, नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों को जमीन पर घसीट-घसीट कर पीटा गया, जो साफ दर्शाता है कि लोकतंत्र की जगह अब देश में दमन का तंत्र चल रहा है.
AAP का छात्रों को पूरा समर्थन
आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह SSC छात्रों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी—चाहे वह कानूनी मदद हो या आंदोलन को आगे बढ़ाने में साथ देना. पार्टी ने इसे सिर्फ छात्रों का मुद्दा नहीं, बल्कि भारत के लोकतंत्र और न्याय की लड़ाई बताया है.


