बिहार के अलीनगर में भाजपा की गायिका मैथिली ठाकुर आगे

फोक गायिका से BJP उम्मीदवार बनीं मैथिली ठाकुर अलिनगर सीट पर शुरुआती रुझानों में धमाकेदार बढ़त बना रही हैं. महज 25 साल की उम्र में पहली बार चुनावी अखाड़े में कूदकर बिहार की सेवा का जज्बा दिखाया. 30 दिन की यात्रा को 'जीवन का सबसे शानदार फैसला' बताते हुए बोलीं- मैं मानसिक रूप से तैयार हूं, जनता की सेवा का मौका जरूर मिलेगा.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

बिहार: फोक सिंगर और भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार मैथिली ठाकुर, जो इस बार अपने पहले चुनाव में मैदान में हैं, अलिनगर विधानसभा सीट पर शुरुआती रुझानों में बढ़त बनाती दिख रही हैं. एक महीने पहले विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा में शामिल हुईं मैथिली ठाकुर ने कहा था कि वह 'बिहार की सेवा' के लिए राजनीति में आ रही हैं.

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रुझानों के बाद, जब एग्जिट पोल्स ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बड़ी जीत का अनुमान व्यक्त किया, तो 25 वर्षीय मैथिली ठाकुर ने कहा कि वह बिहार के लोगों की सेवा के लिए 'मानसिक रूप से तैयार' हैं. राजनीति में कदम रखने को अपनी जिंदगी का सबसे अच्छा निर्णय मानती हैं मैथिली ठाकुर.

उन्होने कहा कि मैं यह नहीं सोचती कि मैं जीतूंगी या हारूंगी, क्योंकि मैं अपनी 30 दिन की यात्रा से पूरी तरह संतुष्ट हूं. मुझे पूरा विश्वास है कि मुझे बिहार के लोगों की सेवा करने का अवसर मिलेगा, और इसके लिए मैं मानसिक रूप से तैयार हूं, मैथिली ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मै अपनी चुनावी यात्रा को अपनी जिंदगी का 'सबसे अच्छा निर्णय' मानती हूं. मुझे लगता है कि यह मेरे जीवन का सबसे अच्छा निर्णय था. और इस एक महीने में मैंने जो सीखा है, वह मैं किसी किताब या किसी अन्य स्रोत से नहीं सीख सकती थी, यह एक महीना मेरे पूरे जीवन को बदलने वाला अनुभव रहा. 

मैथिली ठाकुर का राजनीति में संकल्प

अक्टूबर में एक अन्य इंटरव्यू में, ठाकुर ने कहा था कि उनका उद्देश्य 'बिहार की सेवा करना' है. 'मैं यह काम पहले भी अपने लोक गीतों के जरिए करती रही हूं, और इसलिए मैंने विदेश जाने का मन नहीं बनाया. मैं अपने क्षेत्र की संस्कृति को आगे बढ़ाना चाहती हूं, और अगर राजनीति मुझे यह अवसर देती है, तो मेरे लिए इससे महत्वपूर्ण कुछ नहीं होगा. मैं राजनीति में आकर केवल राजनीति नहीं करना चाहती, मैं अपने क्षेत्र की सेवा करना चाहती हूं. 

कैसे आईं राजनीति में मैथिली ठाकुर

कई साल पहले तक, मैथिली ठाकुर राजनीति में रुचि नहीं रखती थीं. यह बदलाव तब आया जब उन्होंने अपने 'पसंदीदा नेता' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुनना शुरू किया. प्रधानमंत्री मोदी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं. जिसके बाद मैथिली ने कहा कि मुझे गर्व है कि मैं उनके नेतृत्व में काम करने का अवसर पा रही हूं.

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