IPS Puran suicide case: हरियाणा के सीनियर आईपीएस अफसर वाई पूरन कुमार की आत्महत्या मामले पर पहली बार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बयान सामने आया है. पंचकूला में उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे मामले की गहन जांच कराएगी और चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी को परेशान किया गया है तो सरकार सख्त कार्रवाई करेगी. साथ ही विपक्ष को इस मुद्दे पर राजनीति न करने की नसीहत दी.
शुक्रवार रात मुख्यमंत्री सैनी ने कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी, होम सेक्रेटरी डॉ. सुमिता मिश्रा और आईएएस अफसर राज शेखर वुंडरू के साथ बैठक की. सूत्रों के अनुसार, इस मामले में डीजीपी शत्रुजीत कपूर को हटाने की संभावना है. वहीं, रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया को पद से हटा दिया गया और उनकी जगह सुरेंद्र सिंह भौरिया को एसपी बनाया गया है.
पूरन कुमार का पोस्टमॉर्टम आज भी नहीं हो सका. पीजीआई चंडीगढ़ की मॉर्च्युरी में डॉक्टर और फोरेंसिक टीम मौजूद रही लेकिन परिवार की सहमति के बिना प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी. परिवार और समाज के नेताओं ने 31 सदस्यीय कमेटी बनाई है, जिसने ऐलान किया है कि जब तक डीजीपी कपूर और पूर्व एसपी नरेंद्र बिजारणिया की गिरफ्तारी नहीं होती, पोस्टमॉर्टम नहीं कराया जाएगा. इसी मुद्दे पर रविवार को चंडीगढ़ के गुरु रविदास गुरुद्वारे में महापंचायत बुलाई गई है.
शनिवार को परिवार ने आरोप लगाया कि उनकी मर्जी के खिलाफ डेडबॉडी को पीजीआई ले जाया गया. इसके बाद डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा और आईजी पुष्पेंद्र कुमार ने मृतक के परिजनों से मुलाकात की और जल्द पोस्टमॉर्टम कराने की अपील की. उन्होंने भरोसा दिलाया कि एक विशेष जांच दल (SIT) गठित कर जांच शुरू कर दी गई है और परिवार की सभी शिकायतों पर ध्यान दिया जा रहा है.
इस मामले ने प्रदेश में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक रोष खड़ा कर दिया है. कांग्रेस ने सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया. हिसार में रविदास महासभा ने बैठक की, जबकि रोहतक में सामाजिक संगठनों ने एसपी आवास का घेराव किया. इस बीच पंजाब के सीएम भगवंत मान, सांसद कुमारी सैलजा और हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, शोक जताने अमनीत पी कुमार के घर पहुंचे.
घटना के बाद हरियाणा कैबिनेट की बैठक स्थगित कर दी गई. हरियाणा आईएएस अधिकारी संघ ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की कि परिवार की भावनाओं और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाए. First Updated : Saturday, 11 October 2025