दिल्ली के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस ने जांच शुरू कर बढाई गश्ती

दिल्ली के दो प्रमुख स्कूलों आर्मी पब्लिक स्कूल, धौला कुआं और एयर फोर्स बाल भारती स्कूल, लोधी रोड को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

दिल्ली के दो प्रमुख स्कूलों आर्मी पब्लिक स्कूल, धौला कुआं और एयर फोर्स बाल भारती स्कूल, लोधी रोड को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. अधिकारियों के अनुसार, ये धमकी भरे संदेश इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजे गए थे, जिसके बाद तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया.

जांच में नहीं मिला विस्फोटक उपकरण

पुलिस और सुरक्षा टीमों ने दोनों स्कूल परिसरों की गहन जांच की, लेकिन अब तक कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक उपकरण बरामद नहीं हुआ है. एहतियात के तौर पर स्कूलों में कक्षाएं जारी हैं, लेकिन पूरे परिसर में कड़ी निगरानी रखी जा रही है. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. 

दिल्ली पुलिस ने स्कूल परिसरों के आसपास गश्त बढ़ा दी है और साइबर विशेषज्ञों की मदद से धमकी भरे ईमेल की उत्पत्ति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. पुलिस ने अभिभावकों और स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना दें. सुरक्षा एजेंसियां ईमेल सर्वर और तकनीकी विवरणों की जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी वास्तविक है या शरारत का हिस्सा.

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब हाल ही में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की परीक्षाओं के दौरान भी दिल्ली के कई स्कूलों को इसी तरह की धमकियां मिली थीं. अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा के दौरान कम से कम तीन स्कूलों को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी. इनमें सीआरपीएफ पब्लिक स्कूल, द्वारका, सेंट थॉमस स्कूल, द्वारका और डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल, पश्चिम एन्क्लेव शामिल थे.

अधिकारियों का क्या कहना है? 

उस समय भी सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और दमकल विभाग की टीमों को तुरंत स्कूल परिसरों में भेजा गया था. सभी जगहों पर तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की धमकियों को गंभीरता से लिया जाता है और छात्रों व कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.

फिलहाल जांच एजेंसियां ईमेल भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान करने में जुटी हैं. सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके और छात्रों की पढ़ाई सुरक्षित माहौल में जारी रह सके.

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