नई दिल्लीः उत्तर भारत के कई हिस्सों में सोमवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली और घने कोहरे की मोटी चादर छा गई. सीजन के पहले ही कोहरे ने सड़कों पर चल रहे वाहनों की रफ्तार थाम दी और हर तरह की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई. दृश्यता बेहद कम होने के कारण हाईवे और एक्सप्रेसवे पर हालात सबसे ज्यादा गंभीर नजर आए.
घने कोहरे का सबसे भयावह असर दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर देखने को मिला, जहां सोमवार तड़के एक के बाद एक कई वाहन आपस में टकरा गए. इस भीषण हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 20 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. मृतकों में दो पुलिसकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, यह हादसा सोमवार तड़के करीब पांच बजे हुआ, जब एक्सप्रेसवे पर कोहरे के कारण दृश्यता लगभग शून्य हो चुकी थी. सड़क पर आगे क्या है, यह ड्राइवरों को नजर नहीं आ रहा था. इसी दौरान एक के बाद एक करीब 25 वाहन आपस में भिड़ गए, जिससे एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई.
बताया जा रहा है कि हादसे की शुरुआत दो ओवरलोड डंपरों की आपसी टक्कर से हुई. दोनों भारी वाहनों की भिड़ंत के बाद पीछे से आ रहा एक ट्रक, जो अमरूद से भरा हुआ था, भी नियंत्रण खो बैठा और इन वाहनों से टकरा गया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक पलट गया और सड़क पर बड़ी मात्रा में अमरूद बिखर गए.
ट्रक के पलटते ही सड़क पर फैले अमरूदों की वजह से एक्सप्रेसवे पर फिसलन पैदा हो गई. पहले से ही घने कोहरे से जूझ रहे वाहन चालकों को अचानक सामने आए अवरोध का अंदाजा नहीं लग सका. फिसलन और कम दृश्यता के चलते पीछे से आ रहे वाहन समय पर ब्रेक नहीं लगा पाए और एक के बाद एक कई गाड़ियां दुर्घटना का शिकार होती चली गईं.
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए. घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है. दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने और यातायात बहाल करने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी.
कोहरे के मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है. विशेषज्ञों का कहना है कि घने कोहरे में तेज रफ्तार, सुरक्षित दूरी न रखना और भारी वाहनों का ओवरलोड होना ऐसे हादसों की बड़ी वजह बनता है.
First Updated : Monday, 15 December 2025