I Love Muhammad controversy: उत्तर प्रदेश में आई लव मोहम्मद विवाद के चलते कई शहरों में हाई अलर्ट जारी किया गया है. बरेली, संभल, मेरठ और सहारनपुर जैसे शहरों में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. जुमे की नमाज को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील इलाकों में पुलिस और पीएसी-आरआरएफ की तैनाती बढ़ा दी गई है.
बरेली में पहले ही स्थिति तनावपूर्ण है, जहां 26 सितंबर को मस्जिद के बाहर हुए विवाद और प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी. इसी के मद्देनजर प्रशासन ने ड्रोन निगरानी, इंटरनेट निलंबन और अन्य सुरक्षा उपाय अपनाए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अशांति को रोका जा सके.
बरेली में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है. शहर को पांच सेक्टर में बांटकर प्रत्येक सेक्टर में एक-एक एएसपी को प्रभारी बनाया गया है. शहर में 13 सीओ, 700 दारोगा और 2,500 सिपाही समेत दूसरे जिलों से आई फोर्स को चौराहों और मस्जिदों के आसपास तैनात किया गया है.
उच्च पदस्थ अधिकारियों ने 2 अक्टूबर दोपहर 3 बजे से 4 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और एसएमएस सेवाओं को निलंबित करने का आदेश दिया है. अधिकारियों के अनुसार, इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए अराजक तत्व माहौल बिगाड़ सकते हैं.
बरेली के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों जैसे संभल, मेरठ और सहारनपुर में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में पीएसी और आरआरएफ के जवानों को तैनात किया गया है. दशहरा के मद्देनजर पुलिस और सुरक्षा बल सड़कों पर सतर्क हैं और ड्रोन से निगरानी जारी है.
बरेली स्थित आला हजरत दरगाह के वरिष्ठ मौलवी ने मुसलमानों से जुमे की नमाज के बाद शांतिपूर्ण ढंग से घर लौटने की अपील की है. मौलवी तौकीर खान ने कहा कि "आई लव मुहम्मद पोस्टर विवाद को लेकर विरोध प्रदर्शन रद्द करने के बावजूद हमें संयम और शांति बनाए रखनी चाहिए."
26 सितंबर को कोतवाली क्षेत्र में मस्जिद के बाहर लगभग 2,000 लोगों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. उस दौरान पथराव की भी खबरें आई थीं.
सतर्कता के तहत गुरुवार दोपहर 3 बजे से शनिवार दोपहर 3 बजे तक इंटरनेट बंद किया गया. इसी समय से संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन निगरानी भी शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि यह कदम अराजक तत्वों द्वारा फैलाए जाने वाले गलत संदेशों को रोकने के लिए उठाया गया है. First Updated : Friday, 03 October 2025