मैं राजस्थान और हरियाणा जाकर हिंदू महिला का घुंघट उठा दूं तो...?हिजाब विवाद पर BJP पर भड़के उमर अब्दुल्ला

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा मुस्लिम महिला का हिजाब हटाने का विवाद जोर पकड़ रहा है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश का समर्थन किया, जबकि विपक्षी दल और जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने कड़ी आलोचना की. यह घटना महिला अधिकार, धर्मनिरपेक्षता और राजनीतिक जिम्मेदारी पर बहस को जन्म दे रही है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

बिहार : बिहार में हाल ही में एक मुस्लिम महिला का नकाब हटाने का विवाद बड़ा राजनीतिक संकट बन गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह कार्रवाई चारों ओर से आलोचना का कारण बनी है. सामाजिक और राजनीतिक मंचों पर इस घटना को लेकर बहस तेज हो गई है, जिससे बिहार में राजनीतिक गर्माहट बढ़ गई है. इस मामले में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा नीतीश कुमार का बचाव करना और उनकी टिप्पणी विवाद को और भड़काने का कारण बनी है.

नीतीश कुमार ने कोई गलत काम नहीं किया

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने कोई गलत काम नहीं किया और नियुक्ति पत्र लेने के लिए महिला को अपना चेहरा दिखाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि महिला नियुक्ति पत्र लेने से इंकार करती है, तो यह उसकी मर्जी है और यह उसकी व्यक्तिगत इच्छा पर निर्भर करता है. हालांकि, इस बयान ने विपक्ष और सामाजिक समूहों में तीव्र प्रतिक्रिया को जन्म दिया. कई लोग इसे महिला अधिकारों और धर्मनिरपेक्षता पर हमला मान रहे हैं.

उमर अब्दुल्ला की कड़ी आलोचना
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने इस मामले में भाजपा और नीतीश कुमार की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि अगर किसी मुस्लिम नेता ने किसी हिन्दू महिला का घूंघट हटाया होता, तो भाजपा का रिएक्शन पूरी तरह अलग होता. अब्दुल्ला ने इसे नीतीश कुमार के धीरे-धीरे अपना असली रंग दिखाने के रूप में बताया और कहा कि यह कार्रवाई किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराई जा सकती. उन्होंने कहा, “अगर यही हरियाणा या राजस्थान में किसी हिन्दू औरत की घूंघट होती, और मैंने उतारा होता, तो बीजेपी यही कहती?”

राष्ट्रीय स्तर पर भी बहस का विषय
इस विवाद ने बिहार में धर्म और राजनीति के बीच की संवेदनशीलता को फिर से उजागर किया है. राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की श्रृंखला शुरू हो गई है. भाजपा के नेताओं का समर्थन और विपक्षी दलों की आलोचना इस घटना को राष्ट्रीय स्तर पर भी बहस का विषय बना चुकी है. समाज में धर्मनिरपेक्षता, महिला अधिकार और सार्वजनिक मंचों पर व्यवहार के मुद्दे पर बहस लगातार जारी है.

हिजाब विवाद ने बिहार की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है. नीतीश कुमार की कार्रवाई, गिरिराज सिंह के बयान और उमर अब्दुल्ला की आलोचना ने पूरे देश में धार्मिक और राजनीतिक संवेदनाओं को उभार दिया है. यह मामला न केवल राज्य स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है, जिससे राजनीतिक दलों और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच मतभेद और स्पष्ट हो रहे हैं.

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