झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर की मौत, खून से लथपथ मिला शव

झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी की संदिग्ध हालात में मौत से शहर में सनसनी है. सड़क किनारे खून से लथपथ शव और गायब जेवरात ने हत्या की आशंका बढ़ा दी है. पुलिस जांच जारी है.

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नई दिल्लीः झांसी की सड़कों पर रोज आत्मविश्वास के साथ ऑटो चलाने वाली वीरांगना अनीता चौधरी अब सिर्फ एक नाम बनकर रह गई हैं. जिस महिला ने अपने साहस और आत्मनिर्भरता से न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे शहर को प्रेरित किया, वही अनीता सोमवार सुबह खून से लथपथ हालत में सड़क किनारे मृत पाई गईं. यह घटना झांसी शहर को झकझोर देने वाली है और कई सवाल खड़े कर रही है. क्या यह एक दर्दनाक हादसा था या फिर किसी साजिश के तहत की गई हत्या?

उसी सड़क पर मिली लाश

घटना सोमवार सुबह स्टेशन–सिविल लाइन रोड के पास सामने आई. राहगीरों ने सड़क किनारे एक ऑटो को पलटा हुआ देखा और उसके पास एक महिला का शव पड़ा था. जब नजदीक जाकर देखा गया तो पता चला कि यह शव उसी ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी का है. मौके का दृश्य किसी क्राइम सीन जैसा लग रहा था. आसपास खून फैला हुआ था और अनीता के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे.

रात को निकलीं, फिर नहीं लौटीं

परिजनों के मुताबिक, अनीता रोज़ की तरह सोमवार रात करीब 9:30 बजे ऑटो लेकर घर से निकली थीं. देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटीं तो परिवार को चिंता होने लगी. करीब 1:30 बजे सूचना मिली कि स्टेशन रोड के पास एक महिला गंभीर हालत में पड़ी है. परिवार तुरंत मौके पर पहुंचा, जहां अनीता का ऑटो उल्टा पड़ा था और पास ही उनका शव मिला. उस वक्त तक उनकी मौत हो चुकी थी.

हत्या की आशंका

घटना को और संदिग्ध बनाता है यह तथ्य कि अनीता के मंगलसूत्र, मोबाइल फोन और कुछ अन्य जेवरात गायब थे. शरीर पर सिर्फ सिर पर गंभीर चोट के निशान थे, जबकि बाकी हिस्सों पर ज्यादा चोटें नहीं दिखीं. इस वजह से परिवार और स्थानीय लोगों को शक है कि यह केवल सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि लूट के इरादे से की गई हत्या भी हो सकती है.

शहर की पहली महिला ऑटो ड्राइवर थीं अनीता

33 वर्षीय अनीता चौधरी झांसी के तालपुरा मोहल्ले की रहने वाली थीं. करीब दो साल पहले उन्होंने फाइनेंस पर ऑटो खरीदा और शहर की पहली महिला ऑटो ड्राइवर बनकर इतिहास रच दिया. वह न सिर्फ अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं, बल्कि महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मजबूत मिसाल भी बन चुकी थीं. स्थानीय लोग उन्हें सम्मान से “शेरनी” कहकर बुलाते थे और प्रशासनिक स्तर पर भी उन्हें सराहना मिल चुकी थी.

सदमे में परिवार

परिवार का कहना है कि अनीता का किसी से कोई विवाद या दुश्मनी नहीं थी. वह बेहद सरल स्वभाव की महिला थीं और पूरी लगन से काम करती थीं. उनके साथ हुई इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है. परिजन साफ तौर पर मांग कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और अगर यह हत्या है तो दोषियों को सख्त सजा मिले.

हत्या या हादसा? पुलिस जांच में जुटी

पुलिस ने अनीता के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है. सीओ सिटी ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है. यह सड़क हादसा था या जानबूझकर की गई हत्या—इसका खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो पाएगा.

 

 

First Updated : Monday, 05 January 2026