MBBS student Rape in Delhi : दिल्ली के आदर्श नगर क्षेत्र में स्थित एक होटल में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही एक 18 वर्षीय छात्रा के साथ नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करने का गंभीर मामला सामने आया है. पीड़िता हरियाणा के जींद जिले की रहने वाली है और डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर मेडिकल कॉलेज, रोहिणी में प्रथम वर्ष की छात्रा है. उसने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 20 वर्षीय अमनप्रीत नामक युवक ने उससे दोस्ती की और 9 सितंबर को होटल एप्पल में बुलाया. होटल में उसने पीड़िता को कुछ नशीला पदार्थ पिलाया, जिससे वह बेहोश हो गई. इसके बाद आरोपी ने उसका यौन शोषण किया और अश्लील वीडियो व तस्वीरें बनाईं.
अमनप्रीत ने दिया वीडियो वायरल करने की धमकी
पीड़िता का आरोप है कि वीडियो और फोटो के माध्यम से अमनप्रीत उसे डराने और ब्लैकमेल करने लगा. उसने धमकी दी कि अगर वह उसकी बात नहीं मानेगी, तो यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा. इस ब्लैकमेलिंग के चलते छात्रा मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई और आखिरकार उसने साहस करके पुलिस को शिकायत दी. पुलिस ने शिकायत पर तुरंत संज्ञान लिया और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की.
होटल मालिक से की गई पूछताछ
पुलिस जांच के दौरान जब होटल मालिक से पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि दोनों 5 सितंबर की रात होटल में आए थे. दोनों बालिग थे और उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के अनुसार रजिस्टर में एंट्री की थी. उन्होंने कोई असामान्य व्यवहार नहीं किया और अगली सुबह लगभग 10:50 बजे चेकआउट कर लिया. होटल के मालिक ने बताया कि उनके सिस्टम में ऑटो डिलीट फीचर ऑन है, जिससे 15 दिन पुराना सीसीटीवी रिकॉर्ड अपने आप मिट गया, जिससे इस घटना के फुटेज उपलब्ध नहीं हो पाए.
मेडिकल टेस्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी है. अब डिजिटल सबूतों और पीड़िता के मेडिकल परीक्षण के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी पहले से इस प्रकार की घटनाओं में शामिल रहा है. इस मामले ने न केवल दिल्ली जैसे महानगर में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सोशल मीडिया, दोस्ती और नशीली चीज़ों के दुरुपयोग को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है. पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और उसे जल्द गिरफ्तार किए जाने की उम्मीद है.
यह घटना बताती है कि आज भी युवा छात्राओं को फर्जी दोस्ती, डिजिटल ब्लैकमेलिंग और होटल की ढीली सुरक्षा व्यवस्था जैसे खतरे झेलने पड़ते हैं. ऐसे मामलों में कठोर कानून तो हैं, लेकिन समाज को भी जागरूक और सतर्क होने की आवश्यकता है, ताकि कोई और लड़की ऐसी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का शिकार न हो. First Updated : Monday, 06 October 2025