राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने गाजियाबाद के लिए ब्लू लाइन मेट्रो के विस्तार का प्रस्ताव रखा है, जिससे नोएडा और गाज़ियाबाद के बीच सफर और भी आसान हो जाएगा. इस मेट्रो विस्तार से लाखों यात्रियों को फायदा होगा, साथ ही शहर के प्रमुख हिस्सों में ट्रैफिक जाम की समस्या में भी काफी कमी आने की उम्मीद है.
इस प्रस्तावित परियोजना की खास बात है कि इसमें हिंडन सिविल एयरपोर्ट को मेट्रो नेटवर्क से सीधे जोड़ा जाएगा, जिससे गाज़ियाबाद और नोएडा के निवासियों के लिए हवाई यात्रा तक पहुंच पहले से कहीं ज्यादा सुगम हो जाएगी.
डीएमआरसी ने गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) से इस मेट्रो विस्तार की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की सैद्धांतिक अनुमति मांगी है. प्रस्तावित योजना के तहत कुल चार नए मेट्रो स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे नोएडा और गाजियाबाद के बीच एक निर्बाध कॉरिडोर विकसित किया जा सकेगा. फिलहाल, नोएडा सेक्टर-62 से साहिबाबाद और मोहन नगर से वैशाली तक के मार्गों पर पहले से ही निर्माण कार्य जारी है.
रेड लाइन विस्तार:
न्यू बस अड्डा से गाजियाबाद रेलवे स्टेशन तक 3 किमी की दूरी
इस रूट पर 1 नया स्टेशन प्रस्तावित
ब्लू लाइन विस्तार-1:
नोएडा सेक्टर 62 से साहिबाबाद तक 5.1 किमी का एलिवेटेड कॉरिडोर
रास्ते में इंदिरापुरम, शक्ति खंड और वसुंधरा सेक्टर 5 सहित कुल 5 स्टेशन होंगे
ब्लू लाइन विस्तार-2:
वैशाली से मोहन नगर तक 4 किमी का एलिवेटेड कॉरिडोर
प्रह्लादगढ़ी, वसुंधरा सेक्टर 14 समेत 4 नए स्टेशन प्रस्तावित
पिंक-रेड लाइन लिंक:
गोकुलपुरी से अर्टाला तक 12 किमी का विस्तार
इसमें 4 किमी अंडरग्राउंड और 8 किमी एलिवेटेड हिस्सा होगा
कुल 8 स्टेशन, जिनमें हिंडन सिविल टर्मिनल भी शामिल
इस मेट्रो विस्तार की सबसे खास बात यह है कि हिंडन सिविल एयरपोर्ट तक सीधी मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी. इससे नोएडा और गाज़ियाबाद के यात्रियों के लिए हवाई यात्रा पहले से अधिक सुलभ हो जाएगी. इसके अलावा गोकुलपुरी से अर्टाला मार्ग के चलते लोनी भी मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जिससे दिल्ली सीमा पर भीड़भाड़ में कमी आएगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार होगा.
इस मेट्रो प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹300 करोड़ प्रति किलोमीटर के हिसाब से आंकी गई है. कुल 25 किलोमीटर लंबे चार कॉरिडोर पर लगभग ₹7,500 करोड़ का खर्च अनुमानित है. गौरतलब है कि इससे पहले प्रस्तावित नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से साहिबाबाद कॉरिडोर को ₹1,873 करोड़ की लागत के कारण 2018 में रोक दिया गया था.
यदि GDA अनुमति देता है, तो डीएमआरसी डीपीआर की तैयारी शुरू करेगा. इसके बाद औपचारिक स्वीकृति और फंडिंग की प्रक्रिया शुरू होगी. इस परियोजना के लागू होने से एनसीआर के पूर्वी हिस्से को दिल्ली के मेट्रो नेटवर्क से और अधिक मजबूती से जोड़ा जा सकेगा. साथ ही, रोजाना यात्रा करने वाले लोगों की सहूलियत भी बढ़ेगी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी. First Updated : Saturday, 26 July 2025