बोकारो में सिलेंडर ब्लास्ट से भीषण आग, 15 से ज्यादा दुकानें जलकर खाक
झारखंड के बोकारो में गैस सिलेंडर में विस्फोट के बाद अचानक आग भड़क उठी. बताया जा रहा है कि इस दौरान करीब 7 से 8 सिलेंडर फट गए, जिससे आग और भी भयावह रूप लेती चली गई.

झारखंड के बोकारो जिले के सिवनडीह इलाके में मंगलवार शाम एक भीषण हादसा हो गया, जब गैस सिलेंडर में विस्फोट के बाद अचानक आग भड़क उठी. घटना माराफारी थाना क्षेत्र के पास की बताई जा रही है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते आसपास का बड़ा हिस्सा उसकी चपेट में आ गया. कुछ ही मिनटों में लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.
स्थानीय लोगों ने क्या कहा?
स्थानीय लोगों ने बताया कि घटनास्थल के पास गैस सिलेंडर रिफिलिंग का काम किया जाता है. आशंका जताई जा रही है कि रिफिलिंग के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके कारण आग लग गई. आग लगने के बाद वहां रखे सिलेंडरों में एक के बाद एक धमाके होने लगे. बताया जा रहा है कि इस दौरान करीब 7 से 8 सिलेंडर फट गए, जिससे आग और भी भयावह रूप लेती चली गई.
बोकारो में भीषण आग लग गई है। 15 से अधिक दुकानें आग की चपेट में आई हैं। बताया जाता है कि माराफारी थाना क्षेत्र के सिवनडीह की एक दुकान में पहले आग लगी। उसके बाद आस पास की दुकान में भी आग फ़ैलती चली गई। जानकारी के अनुसार गैस रीफ़िलिंग के दौरान आग लगी है। pic.twitter.com/FgN79lv1e5
— Sunny Sharad (@sunny_sharad) March 3, 2026
जानकारी के मुताबिक, आग की शुरुआत एक टेंट हाउस के अंदर से हुई थी. वहां रखे ज्वलनशील सामान ने आग को तेजी से फैलने में मदद की. टेंट हाउस में रखे गैस सिलेंडर और अन्य सामग्री जलने लगी, जिसके बाद आग आसपास की दुकानों तक पहुंच गई. इस भीषण अग्निकांड में 15 से ज्यादा दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं. इनमें टेंट हाउस के अलावा कई छोटी-बड़ी दुकानें शामिल हैं. हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन कुछ लोगों को हल्की चोटें आई हैं.
इलाके में अफरा-तफरी का माहौल
विस्फोट के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. फोरलेन सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिससे माराफारी क्षेत्र से स्टेशन की ओर जाने वाला रास्ता भी अवरुद्ध हो गया. कई वाहन घंटों तक फंसे रहे और यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा. मौके पर पहुंची पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.
अग्निशमन विभाग की टीमों को आग पर काबू पाने में कड़ी मेहनत करनी पड़ी. करीब एक घंटे की मशक्कत और कई दमकल गाड़ियों की मदद से आखिरकार आग को नियंत्रित किया जा सका. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि गैस रिफिलिंग का कार्य अवैध रूप से और बिना सुरक्षा मानकों के किया जा रहा था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ. पुलिस ने कहा है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.


