Bihar Assembly Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. शनिवार देर शाम भाजपा की चुनाव समिति की अहम मीटिंग पटना स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित की गई, जिसमें आगामी चुनाव की रणनीति और संभावित उम्मीदवारों पर विस्तार से चर्चा हुई. पार्टी ने विशेष फोकस 2020 में हारी गई सीटों पर रखा है, जिन पर रविवार को फिर से विचार-विमर्श किया जाएगा.
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, गिरिराज सिंह, सांसद रवि शंकर प्रसाद और बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया.
मीटिंग में कुल 60 सीटों पर फोकस किया गया, जहां भाजपा पिछली बार मजबूत पकड़ बनाने में असफल रही थी. बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि आज हमारी मीटिंग में 60 सीटों पर फोकस किया गया. कल हम बाकी सीटों पर चर्चा करेंगे, जिन पर हमने पिछली बार जीत हासिल की थी या हार झेली थी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एनडीए गठबंधन में 'बड़ा-छोटा भाई' की राजनीति को बिलकुल जगह नहीं दी जाएगी.
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए मानक स्थापित किए हैं. जायसवाल ने एनडीए गठबंधन की मजबूती पर भी जोर देते हुए कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने वो काम किया है जो विपक्ष सिर्फ वादों में कर रहा था.
दिल्लीप जायसवाल ने संकेत दिए कि अच्छे प्रदर्शन वाले मौजूदा विधायकों को पुनः मौका दिया जा सकता है वहीं जिन क्षेत्रों में एंटी-इनकंबेंसी ज्यादा है वहां नए चेहरों को टिकट मिलेगा. अपनी संभावित चुनावी भागीदारी पर उन्होंने कहा कि यह फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा. फिलहाल मैं बिहार बीजेपी में एक अभिभावक की भूमिका निभा रहा हूं.
2020 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 243 सीटों में से 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 74 सीटें जीती थीं. इस बार पार्टी का लक्ष्य अधिक सीटें जीतकर बिहार में अपनी पकड़ मजबूत करना है. First Updated : Sunday, 05 October 2025