भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह को समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज से सगाई करना महंगा पड़ गया है. चुनाव आयोग ने इसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामला मानते हुए रिंकू सिंह को मतदाता जागरूकता अभियान (SVEEP) से तुरंत हटाने का आदेश जारी कर दिया है. साथ ही आयोग ने सभी संबंधित प्रचार सामग्रियों को हटाने के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा है.
चुनाव आयोग का मानना है कि सपा सांसद से रिंकू की सगाई से स्वीप अभियान की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है और इसके पीछे राजनीतिक निहितार्थ जुड़े हो सकते हैं. इसी कारण आयोग ने इस दिशा में सख्त कार्रवाई करते हुए तुरंत प्रभाव से सभी स्तरों पर उनके प्रचार से जुड़े पोस्टर, बैनर और होर्डिंग्स हटाने के निर्देश दिए हैं.
जून माह में मछलीशहर की सपा सांसद प्रिया सरोज और रिंकू सिंह की सगाई की खबरें सामने आई थीं. इसके बाद दोनों को कई बार एक साथ सार्वजनिक आयोजनों में देखा गया. चुनाव आयोग के संज्ञान में यह मामला आने के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए रिंकू सिंह को स्वीप ब्रांड एंबेसडर के रूप में हटाया गया.
जिला निर्वाचन अधिकारी तथा अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) लालता प्रसाद को चुनाव आयोग से इस संबंध में स्पष्ट निर्देश प्राप्त हुए हैं. उन्होंने बताया कि निर्देशों के अनुपालन में सभी उप जिलाधिकारियों, निर्वाचन अधिकारियों और स्वीप टीम को आदेशित किया गया है कि वे रिंकू सिंह से जुड़ी सभी प्रचार सामग्रियों को तुरंत हटा दें चाहे वह पोस्टर हो, वीडियो हो या वेबसाइट पर मौजूद सामग्री.
चुनाव आयोग ने यह कदम स्वीप अभियान की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया है. आयोग का मानना है कि किसी राजनीतिक दल से संबंध रखने वाले व्यक्ति की मौजूदगी से मतदाताओं पर अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है, जो आदर्श चुनाव आचार संहिता के खिलाफ है.
एडीएम वित्त एवं राजस्व ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग और शासन से मिले पत्र के बाद रिंकू सिंह से जुड़ी सभी प्रचार सामग्री को सभी स्थानों से हटाने का काम शुरू कर दिया गया है. संबंधित अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दे दी गई है. First Updated : Friday, 01 August 2025