जयपुर: जयपुर जिले के चौमूं कस्बे में मस्जिद के बाहर पुलिस पर हुए पथराव की घटना के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. इमाम चौक इलाके में नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने अवैध निर्माणों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया.
इस कार्रवाई को कानून-व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि हिंसा और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ अब सख्ती बरती जाएगी. कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे क्षेत्र पर कड़ी निगरानी रखी गई.
दरअसल, कुछ दिन पहले चौमूं कस्बे में मस्जिद के बाहर अतिक्रमण हटाने को लेकर विवाद हुआ था. यह विवाद जल्द ही हिंसा में बदल गया और पुलिस पर पथराव किया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. घटना के बाद प्रशासन ने उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की और नगर परिषद ने अवैध निर्माणों की जांच तेज कर दी.
प्रशासन के अनुसार, इमाम चौक क्षेत्र में लंबे समय से सरकारी और सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं. जांच के बाद नगर परिषद ने 19 से 20 लोगों को नोटिस जारी कर तय समय में जवाब देने और स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे. नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद गुरुवार को बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई.
चौमूं थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा ने कहा,"जो गलत है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. हम नगर परिषद के साथ मौके पर मौजूद हैं. नगर परिषद ने अतिक्रमण की पहचान की है और उसी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है."
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में की जा रही है और किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा.
जयपुर पश्चिम के एडीसीपी राजेश गुप्ता ने बताया कि नगर परिषद द्वारा चिन्हित सभी अवैध निर्माणों को हटाया जा रहा है. उन्होंने कहा,"नगर परिषद ने करीब 19-20 नोटिस जारी किए थे. जिन लोगों ने नोटिस के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया, उनके खिलाफ अब कार्रवाई की जा रही है. कुछ दिन पहले जिन लोगों ने माहौल बिगाड़ने और पुलिस पर पथराव करने में भूमिका निभाई थी, उनके अवैध निर्माण भी इस कार्रवाई के दायरे में हैं."
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान इमाम चौक और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई. ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी निगरानी रखी गई, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति पर तुरंत काबू पाया जा सके. प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और सहयोग करने की अपील की है.
प्रशासन ने दो टूक कहा है कि यह कार्रवाई किसी एक समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि अवैध अतिक्रमण के खिलाफ है. नगर परिषद क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा.
अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस पर पथराव करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. चौमूं की यह कार्रवाई प्रशासन के 'जीरो टॉलरेंस' संदेश के तौर पर देखी जा रही है.
First Updated : Friday, 02 January 2026