Bomb Threat: दिल्ली में बुधवार सुबह दो स्कूलों को बम धमकी भरे ईमेल मिलने से हड़कंप मच गया. मालवीय नगर के एसकेवी स्कूल और करोल बाग स्थित आंध्रा स्कूल को भेजे गए इन मेल्स के बाद तुरंत पुलिस और बम निरोधक दस्ते को अलर्ट किया गया. सूचना मिलते ही स्कूल प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और पुलिस टीमों ने मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू किया. दमकल विभाग की गाड़ियां और डॉग स्क्वॉड भी एहतियातन तैनात किए गए. फिलहाल दोनों जगहों से कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है.
पिछले कुछ दिनों में राष्ट्रीय राजधानी के स्कूलों में इस तरह की धमकी भरे ईमेल का चलन तेज़ी से बढ़ा है. इससे पहले सोमवार को भी 32 से अधिक स्कूलों को बम धमकी के संदेश भेजे गए थे. उस समय भी अफरातफरी का माहौल बन गया था और बच्चों को स्कूल से तुरंत बाहर निकाला गया था. बाद में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये सभी मेल फर्जी थे और किसी तरह का वास्तविक खतरा मौजूद नहीं था.
दिल्ली अग्निशमन सेवा के मुताबिक, सोमवार को सुबह साढ़े सात बजे से लेकर दोपहर साढ़े बारह बजे तक लगातार 32 स्कूलों से बम धमकी वाले ईमेल की शिकायतें दर्ज हुई थीं. इन शिकायतों के बाद पुलिस ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया, जिसमें बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की कई टीमों को शामिल किया गया. घंटों की छानबीन के बाद यह साफ हो गया कि मेल झूठे थे और उनका मकसद सिर्फ डर फैलाना था.
धमकी पाने वाले अधिकांश स्कूल द्वारका क्षेत्र में स्थित थे. इनमें दिल्ली पब्लिक स्कूल, श्री वेंकटेश्वर स्कूल, ग्लोबल स्कूल, शिक्षा भारती ग्लोबल स्कूल, द्वारका इंटरनेशनल स्कूल, बाल भारती पब्लिक स्कूल, वेंकटेश्वर स्कूल, पैरामाउंट इंटरनेशनल स्कूल और इंद्रप्रस्थ इंटरनेशनल स्कूल जैसे नाम शामिल हैं. इसके अलावा सरस्वती पब्लिक स्कूल, बीजीएस इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल और सचदेवा ग्लोबल स्कूल को भी धमकी भरे मेल प्राप्त हुए थे.
इनके अलावा पालम, सागरपुर, कापसहेड़ा, बाबा हरिदास नगर, डाबरी और नजफगढ़ इलाके के कई निजी स्कूलों को भी इसी तरह के संदेश मिले. इनमें शिव वाणी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, होली हार्ट पब्लिक स्कूल, वीर पब्लिक स्कूल, ऑक्सफोर्ड फाउंडेशन स्कूल, श्रीराम इंटरनेशनल स्कूल और न्यू सोलंकी मॉडल पब्लिक स्कूल का नाम प्रमुख है.
बार-बार मिल रही इन धमकियों ने अभिभावकों और स्कूल प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वे इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं और साइबर सेल की मदद से ईमेल के स्रोत का पता लगाया जा रहा है. फिलहाल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रभावित स्कूलों में सुरक्षा उपाय और कड़े किए गए हैं. First Updated : Wednesday, 20 August 2025