बिहार के नवनियुक्त राज्यपाल सैयद अता हसनैन की प्रारंभिक शिक्षा उत्तराखंड के नैनीताल स्थित प्रतिष्ठित शेरवुड कॉलेज में हुई थी. उन्होंने वर्ष 1966 में इसी विद्यालय से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी. उनके राज्यपाल बनने की खबर सामने आने के बाद विद्यालय और पूरे शहर में गर्व का माहौल है.
स्कूल के प्रधानाचार्य अमनदीप संधू ने इसे न केवल संस्थान बल्कि पूरे नैनीताल के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है. प्रधानाचार्य ने कहा कि शेरवुड कॉलेज ने हमेशा से अपने छात्रों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ जीवन मूल्यों और नेतृत्व क्षमता की मजबूत नींव प्रदान करने का प्रयास किया है. उनका मानना है कि इसी वातावरण ने सैयद अता हसनैन को आगे बढ़ने और देश की सेवा करने के लिए प्रेरित किया. अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया और देश के पूर्व सैन्य सचिव जैसे अहम पदों पर भी कार्य किया.
अपने सैन्य जीवन में उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी प्रभावी नेतृत्व का परिचय दिया. खासकर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से जुड़े जटिल हालात के बीच उन्होंने स्थानीय लोगों का भरोसा जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ उन्होंने लोगों से संवाद और विश्वास कायम करने की रणनीति अपनाई. जन-केंद्रित सुरक्षा नीति ‘हार्ट्स डॉक्ट्रिन’ को लागू करने में भी उनका योगदान उल्लेखनीय माना जाता है.
इसके अलावा उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की सेवा की. श्रीलंका में तैनात भारतीय शांति सेना में रहते हुए उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और दक्षता के साथ निभाया. आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने के मामलों में उनके अनुभव को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. पंजाब में उग्रवाद के दौर में शांति स्थापित करने की दिशा में भी उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही है.
अपने लंबे और सफल सैन्य करियर के दौरान वे सेना के कई अहम पदों पर रहे और अपनी नेतृत्व क्षमता से अलग पहचान बनाई. उनकी कार्यशैली, अनुभव और प्रशासनिक समझ को देखते हुए उन्हें बिहार के राज्यपाल पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
सैयद अता हसनैन ने 1960 के दशक में शेरवुड कॉलेज में दाखिला लिया था और पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेते थे. स्कूल के दौरान ही उन्होंने अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का परिचय देना शुरू कर दिया था. उनके पिता सैयद मोहम्मद हसनैन भी भारतीय सेना में मेजर जनरल के पद पर रह चुके थे, जिससे उन्हें बचपन से ही सैन्य परंपरा और देशसेवा की प्रेरणा मिली.
विद्यालय के प्रधानाचार्य अमनदीप संधु ने बताया कि जल्द ही राज्यपाल सैयद अता हसनैन को स्कूल आने का निमंत्रण दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि वह विद्यालय आएंगे तो यह शेरवुड कॉलेज के लिए गर्व और सम्मान का क्षण होगा. First Updated : Saturday, 07 March 2026