विधायक फेल है आपका, नाच रहा है... राधोपुर पहुंचे तेज प्रताप, बांटे राहत सामग्री बोले- सरकार नहीं हम मदद कर रहे आपकी
बिहार की राजनीति में हलचल मच गई जब तेज प्रताप यादव ने अपने भाई तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र राघोपुर में राहत सामग्री बांटते हुए सरकार और विधायक पर तीखा हमला किया. उन्होंने खुद को जनता का सच्चा सेवक बताते हुए तेजस्वी की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए. इस बयान ने पारिवारिक कलह को उजागर किया और NDA को विपक्ष पर हमला करने का नया मुद्दा दे दिया.

Tej Pratap Yadav News : बिहार की राजनीति में एक बार फिर पारिवारिक तनाव खुलकर सामने आ गया है. इस बार यह तनाव राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर ही दो भाइयों तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव के बीच देखने को मिला है. मामला उस समय सामने आया जब तेज प्रताप यादव अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र राघोपुर में बाढ़ राहत सामग्री बांटने पहुंचे.
लालू स्टाइल में जनता से संवाद, भाई पर कटाक्ष
कल माननीय नेता श्री तेज प्रताप यादव जी द्वारा राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ से प्रभावित विभिन्न पंचायतों में राहत सामग्री का वितरण किया गया।#TejPratapYadav#teamtejpratapyadav#Raghopur#flood pic.twitter.com/ijxhQHHfa0
— Team Tej Pratap Yadav (@Team_tejpratap) September 10, 2025
तेज प्रताप ने तेजस्वी पर खड़े किए सवाल
जब तेज प्रताप बाढ़ग्रस्त इलाके में राहत सामग्री बांट रहे थे, उसी समय तेजस्वी यादव अपने क्षेत्र से नदारद थे. यही वजह रही कि तेज प्रताप ने न केवल जनता की सहानुभूति बटोरी, बल्कि अपने भाई की जिम्मेदारियों पर भी सवाल खड़े किए. यह एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है जिसमें वे खुद को जनता के नेता और जमीनी कार्यकर्ता के रूप में प्रस्तुत करना चाह रहे हैं.
राजनीति में वापसी कर रहे तेज प्रताप
तेज प्रताप यादव, जो अब RJD और परिवार दोनों से किनारे नजर आते हैं, इस अवसर को अपनी राजनीतिक पुनर्स्थापना के रूप में देख रहे हैं. उनका यह बयान सिर्फ पारिवारिक टकराव नहीं है, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संकेत है कि वे अब फिर से सक्रिय राजनीति में वापसी का प्रयास कर रहे हैं.
NDA को मिला मुद्दा, विपक्ष पर हमला तेज
तेज प्रताप के इस बयान के बाद NDA को एक बार फिर से RJD और विपक्ष पर हमला करने का मौका मिल गया है. बीजेपी और जेडीयू अब यह सवाल खड़े कर रहे हैं कि "जो पार्टी अपने परिवार को एकजुट नहीं रख सकती, वह राज्य कैसे चलाएगी?" तेजस्वी यादव की युवा और शहरी छवि को इस विवाद से झटका लग सकता है, क्योंकि अब उन्हें विपक्ष के साथ-साथ घर के भीतर की राजनीति का भी सामना करना पड़ेगा.


