नई दिल्लीः भारत में कैब-बुकिंग सेवाओं के क्षेत्र में एक नया नाम तेज़ी से चर्चा में है. सरकार समर्थित भारत टैक्सी ऐप ने लॉन्च के कुछ ही दिनों के भीतर उपयोगकर्ताओं का ध्यान खींच लिया है और बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ रहे हैं. सहकारिता मंत्रालय के समर्थन से शुरू हुई यह पहल निजी कैब एग्रीगेटर्स के बीच अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रही है.
भारत टैक्सी की बढ़ती लोकप्रियता को सहकारिता मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया. मंत्रालय के अनुसार, ऐप अब तक चार लाख से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं को जोड़ चुका है. खास बात यह है कि बीते कुछ दिनों में प्रतिदिन करीब 40,000 से 45,000 नए यूजर ऐप से जुड़ रहे हैं. यह ऐप फिलहाल गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर दोनों पर उपलब्ध है और रैंकिंग में भी धीरे-धीरे ऊपर चढ़ रहा है. मंत्रालय ने इसे देशव्यापी लॉन्च से पहले का अहम चरण बताया है और इसे आत्मनिर्भर भारत तथा सहकार से समृद्धि के विजन से जोड़ा है.
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा लॉन्च किया गया भारत टैक्सी ऐप एक सहकारी मॉडल पर आधारित है. इसका उद्देश्य न केवल यात्रियों को एक भरोसेमंद विकल्प देना है, बल्कि ड्राइवरों को भी सशक्त बनाना है. ऐप का दावा है कि इससे जुड़े सभी ड्राइवर पुलिस सत्यापित हैं और सेवा में पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया गया है.
यूजर इंटरफेस के लिहाज़ से भारत टैक्सी काफी सरल और साफ-सुथरा दिखाई देता है. शहर के भीतर टैक्सी बुक करना आसान है और ऐप में सिर्फ राइड बुकिंग ही नहीं, बल्कि मेट्रो टिकट बुकिंग और 12 घंटे तक के लिए कैब रेंटल जैसे अतिरिक्त विकल्प भी मौजूद हैं. लॉगिन और प्रोफाइल सेटअप प्रक्रिया बेहद आसान है, जिसमें केवल मोबाइल नंबर, नाम और ईमेल की जरूरत पड़ती है.
भारत टैक्सी ने सुरक्षा को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा है. ऐप में इमरजेंसी कॉल, सेव किए गए कॉन्टैक्ट्स को अलर्ट भेजने, सुरक्षा टीम से संपर्क और ऐप के भीतर सायरन जैसी सुविधाएं दी गई हैं. ये फीचर्स उबर और ओला जैसे मौजूदा प्लेटफॉर्म्स से मिलते-जुलते हैं. हालांकि, ये सुविधाएं वास्तविक परिस्थितियों में कितनी प्रभावी साबित होंगी, यह समय और बड़े पैमाने पर उपयोग के बाद ही स्पष्ट होगा.
जहां ऐप की अवधारणा सराहनीय है, वहीं शुरुआती इस्तेमाल में कुछ कमियां भी सामने आई हैं. कुछ यूजर्स के मुताबिक किराया अपेक्षा से थोड़ा अधिक दिखा और एसी तथा नॉन-एसी कैब्स के लिए समान कीमत दिखाई देना तकनीकी खामी की ओर इशारा करता है. कुल मिलाकर अनुभव ऐसा लगता है जैसे ऐप अभी पूरी तरह परिपक्व नहीं हुआ है.
भारत टैक्सी का सबसे बड़ा दावा ड्राइवरों को लेकर है. शुरुआत में ड्राइवरों से किसी भी तरह का कमीशन न लेने का वादा किया गया है, जिससे पूरा किराया सीधे ड्राइवर को मिलेगा. हालांकि, भविष्य में कमीशन मॉडल लागू हो सकता है, लेकिन कंपनी का कहना है कि इसका लाभ किसी न किसी रूप में ड्राइवरों को वापस मिलेगा. इसके अलावा, हवाई अड्डों और प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट्स पर विशेष पिक-अप और ड्रॉप सुविधाएं शुरू करने की भी योजना है.
भारत टैक्सी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन कैसे बनाता है, कीमतों को कितना प्रतिस्पर्धी रखता है और सुरक्षा के अपने वादों पर कितना खरा उतरता है. तेजी से बढ़ती यूजर संख्या और सरकारी समर्थन के साथ इसकी शुरुआत उत्साहजनक है. आने वाले समय में यह साफ हो जाएगा कि क्या यह ऐप वाकई निजी कैब कंपनियों को टक्कर दे पाएगा या फिर यह एक अच्छी लेकिन सीमित पहल बनकर रह जाएगा.
First Updated : Monday, 05 January 2026