नई दिल्ली: देश में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक आसान, पारदर्शी और हर नागरिक की पहुंच तक पहुंचाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने कई नई डिजिटल और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की शुरुआत की है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इन पहलों का शुभारंभ करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक स्वस्थ भारत का निर्माण सबसे जरूरी है. इन नई योजनाओं के जरिए लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाए बिना कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं घर बैठे उपलब्ध हो सकेंगी.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने आयुष्मान भारत योजना के तहत 'आयुष्मान सारथी' नाम का एक व्हाट्सएप चैटबॉट लॉन्च किया है. इसका उद्देश्य लाभार्थियों को चौबीसों घंटे डिजिटल माध्यम से सहायता उपलब्ध कराना है. इस सुविधा की मदद से लोग बिना किसी हेल्पलाइन पर कॉल किए या सरकारी दफ्तर पहुंचे योजना से जुड़ी कई सेवाओं का लाभ ले सकेंगे. जेपी नड्डा ने कहा कि यह चैटबॉट सुरक्षित और रीयल-टाइम सेवा प्रदान करेगा, जिससे लोगों को जरूरी जानकारी और सुविधाएं पहले से कहीं अधिक आसानी से मिल सकेंगी.
इस डिजिटल सुविधा के जरिए पात्रता की जांच, आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन, कार्ड डाउनलोड करना, ई-केवाईसी पूरा करना और आधार लिंक करने जैसे कई कार्य किए जा सकेंगे. इसके अलावा लाभार्थी अपने पीएम-जेएवाई कार्ड को लॉक या अनलॉक भी कर सकेंगे. 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड से जुड़ी सेवाएं भी इसी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेंगी, जिससे बुजुर्गों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
आयुष्मान सारथी के माध्यम से मरीज अपने इलाज के लिए उपलब्ध शेष राशि, उपचार का रिकॉर्ड और नजदीकी सूचीबद्ध अस्पतालों की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे. इसके साथ ही शिकायत दर्ज करने, उसकी स्थिति जानने, कॉलबैक का अनुरोध करने और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी. सरकार का मानना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों की भागीदारी भी मजबूत होगी.
कोविड महामारी के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आरोग्य सेतु ऐप का नया संस्करण 'आरोग्य सेतु 2.0' भी लॉन्च किया गया है. अब यह केवल संक्रमण संबंधी जानकारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों के डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड का एक प्रमुख प्लेटफॉर्म बनेगा. यह एप्लिकेशन आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत तैयार किया गया है और डिजिटल हेल्थ सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने का काम करेगा.
इसके माध्यम से लोग अपना आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (आभा) आईडी बना सकेंगे, स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रख सकेंगे और अस्पतालों में "स्कैन एंड शेयर" सुविधा के जरिए डिजिटल पंजीकरण भी करा सकेंगे. इतना ही नहीं, लाभार्थी अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा कवरेज की जानकारी भी रीयल-टाइम में देख सकेंगे.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (यूएचआई) की भी शुरुआत की. यह एक ऐसा डिजिटल नेटवर्क है, जिसके माध्यम से लोग विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म से खोज, बुक और उपयोग कर सकेंगे. इस प्रणाली की खास बात यह है कि मरीज किसी एक एप्लिकेशन तक सीमित नहीं रहेंगे. वे अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सत्यापित स्वास्थ्य सेवाओं तक आसानी से पहुंच बना सकेंगे. सरकार का मानना है कि इससे डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा नागरिकों को बेहतर, तेज और सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी. First Updated : Tuesday, 30 June 2026